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रक्षा मंत्री बोलीं- 'राफेल पर गुमराह कर रही है कांग्रेस', बताई असली कीमत

रक्षा मंत्री ने बताया कि राफेल मुद्दे को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दायर रिट पिटीशन में तीन विषयों को उठाया गया. पहला विषय राफेल की प्रोसेस, दूसरा प्राइसिंग (कीमत) और तीसरा इंडियन ऑफसेट पार्टनर यानी कि भारतीय कंपनी का चुनाव. उन्होंने कहा कि राफेल की खरीद में इंडियन ऑफसेट पार्टनर का चुनाव दसॉल्ट ने किया. इसमें भारत सरकार का कोई रोल नहीं है.

निर्मला सीतारमण (Photo:aajtak) निर्मला सीतारमण (Photo:aajtak)

आजतक के ख़ास कार्यक्रम 'एजेंडा आजतक' में रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने हिस्सा लिया. उन्होंने रक्षा से जुड़े मुद्दे पर बेबाकी से अपनी राय रखी. सत्र का संचालन राहुल कंवल ने किया.

राफेल पर सुप्रीम कोर्ट को गुमराह करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि हमने जो कोर्ट में एफिडेविट दिया था उसमें हमने राफेल डील की प्रोसेस को स्पष्ट बताया था. लेकिन उसमें कुछ मिस-इंटरप्रिटेशन हुआ. इसका मतलब यह नहीं कि हमने कुछ सीक्रेट रखा.

हमने राफेल प्रोसेस को 'IS HAVE BEEN' वर्डिंग को समझाते हुए सीएजी, पार्लियामेंट और पीएसी को दिया था. लेकिन उसमें मिस-इंटरप्रिटेशन हुआ. अभी राफेल की रिपोर्ट सीएजी के पास है और वहां से पास होने के बाद पार्लियामेंट और पीएसी के पास जाएगी. हमने किसी कोट को मिस कोट नहीं किया है.

यह गलती सामने आने के बाद हम सबसे पहले कोर्ट गए और उस गलती को ठीक कराया है. ऐसे गलतियां होती रहती हैं और वकील इसे सुधारते रहते हैं. लेकिन इस बात को बड़ा बनाया जा रहा है. सरकार का कोर्ट को गुमराह करने का इरादा नहीं है.

रिट पिटीशन में तीन विषयों को उठाया...

रक्षा मंत्री ने आगे बताया कि राफेल मुद्दे को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दायर रिट पिटीशन में तीन विषयों को उठाया गया. पहला विषय राफेल की प्रोसेस, दूसरा प्राइसिंग (कीमत) और तीसरा इंडियन ऑफसेट पार्टनर यानी कि भारतीय कंपनी का चुनाव. उन्होंने कहा कि राफेल की खरीद में इंडियन ऑफसेट पार्टनर का चुनाव दसॉल्ट ने किया. इसमें भारत सरकार का कोई रोल नहीं है.

राफेल पर गुमराह कर रही है कांग्रेस

रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने आरोप लगाया कि राफेल मामले पर कांग्रेस लोगों को गुमराह कर रही है. लेकिन कोर्ट के फैसले में यह साफ़ हो गया है कि राफेल सौदे में कोई गड़बड़ी नहीं हुई है. कीमत की बात करें तो वह भी कांग्रेस गलत बता रही है. कांग्रेस राफेल की कीमत 500 मिलियन यूरो बता रही है, जो कि केवल कागजों में हवा बाजी है और कह रही है कि मोदी सरकार ने 1600 मिलियन यूरो में इन्हें खरीदा है. उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वो अपने रक्षा मंत्री रहे एके एंटनी के साथ बात करें तो उन्हें राफेल की सही कीमत के बारे में सब समझ आ जाएगा. 

उन्होंने राफेल की 1600 मिलियन यूरो की कीमत को समझाते हुए कहा कि यह वेपॅन के साथ राफेल की कीमत है. जो कांग्रेस बता रही है वह केवल एयरक्राफ्ट की बेस कीमत है. इसलिए कांग्रेस की तुलना पूरी तरह गलत है.

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