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अध्यक्ष बनकर दिल्ली आया तब कोट सिलवाए, सर्दी का अंदाजा नहीं था: गडकरी

आपको बता दें कि नितिन गडकरी 2010 से 2013 तक भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे थे. इससे पहले वह महाराष्ट्र की राजनीति में ही ज्यादा एक्टिव थे.

एजेंडा आजतक में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी (फोटो- aajtak) एजेंडा आजतक में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी (फोटो- aajtak)

आजतक के विशेष कार्यक्रम 'एजेंडा आजतक' में हिस्सा लेने पहुंचे केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने राजधानी दिल्ली में अपने अनुभवों को साझा किया. गडकरी ने बताया कि जब वह पहली बार महाराष्ट्र से दिल्ली आए और पार्टी के अध्यक्ष बने थे तो उनके पास कोट नहीं था. उन्हें दिल्ली की सर्दी का अंदाजा नहीं था, यहां आकर उन्होंने कई कोट सिलवाए. उन्होंने बताया कि आज भी उन्हें दिल्ली के रास्ते नहीं मालूम हैं.

गडकरी ने इस दौरान अपना नाम प्रधानमंत्री पद की रेस में आने पर भी जवाब दिया. केंद्रीय मंत्री बोले कि मेरा नाम इस चर्चा में आना भी फालतू की बात है, 2019 में हमारी सरकार जरूर बनेगी. और ये सरकार नरेंद्र मोदी की अगुवाई में ही बनेगी, मीडिया क्या कहती है मुझे इससे फर्क नहीं पड़ता है.

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि नई पीढ़ी के लोग जाति के आधार पर वोट नहीं करते हैं, अब युवा काम के आधार पर वोट देता है. उन्होंने कहा कि सरकार का मूल्यांकन काम के आधार पर होना चाहिए, ना कि जाति के मुद्दे पर होना चाहिए.

मध्य प्रदेश-राजस्थान-छत्तीसगढ़ की हार पर उन्होंने कहा कि यहां जीत और हार का अंतर काफी कम है. कुछ लोग नसीब लिखाकर आते हैं, लेकिन कुछ नसीब लिखाना भूल जाते हैं. गडकरी ने बताया कि कई क्षेत्र ऐसे भी हैं जहां पर हमारा वोट प्रतिशत ज्यादा है. कुछ हद तक मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में एंटी इनकंबेंसी भी थी.

गडकरी बोले कि वह सिर्फ काम पर ही विश्वास रखते हैं, उन्होंने अपने क्षेत्र में भी काफी काम किया है. अभी उनके लिए चिंता का विषय सिर्फ इतना है कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे कब पूरा होगा, चार धामों के लिए तैयार होने वाली सड़कें कब पूरी होंगी ये ही मेरी चिंता है.

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