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चुनाव आयोग किसी भी व्यक्ति से ऊपर है, इसे कमजोर न करें: CEC

मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने कहा कि चुनाव आयोग की  विश्वसनीयता पर सवाल उठाना गलत है. ईवीएम पर आरोप बेबुनियाद हैं. अगर आपको लगता है तो सबूत दीजिए.

एजेंडा आजतक में मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा (फोटो-aajtak) एजेंडा आजतक में मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा (फोटो-aajtak)

विपक्षी दलों की ओर से चुनाव आयोग पर लगाए जा रहे आरोपों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने तीखी प्रतिक्रिया दी. आजतक के खास कार्यक्रम 'एजेंडा आजतक' में मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि कौन सी राजनीतिक पार्टी जीतती है या कौन सी हारती है, यह जनता तय करती है. चुनाव आयोग से इसका कोई मतलब नहीं होता है. 2014 में लोकसभा चुनाव का हुआ था. इसके तुरंत बाद दिल्ली में विधानसभा चुनाव हुआ था. दोनों चुनावों के अलग-अलग रिजल्ट आए. ईवीएम को फुटबाल बना दिया गया है. सवाल उठाना ठीक है, लेकिन उसका कोई आधार तो होना चाहिए.

उन्होंने कहा कि ईवीएम को लेकर सबसे पहले 2006 में हाई लेवल टेक्निकल कमेटी बनी थी. वर्तमान टेक्निकल कमेटी 2010 से है. मैं कई बार इस कमेटी से कह चुका हूं कि खुद मीडिया के सामने जाकर सफाई दे. लेकिन वह मीडिया में बयानबाजी से बचना चाहते हैं. चुनाव आयोग साफ करना चाहता है कि ईवीएम में कोई गड़बड़ी नहीं होती है. अगर आपको लगता है तो एक बार फिर से लोकसभा चुनाव से पहले ईवीएम चैलेंज कराया जाएगा. कोई भी आए और देख ले.

मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने कहा कि चुनाव आयोग 1950 से बनी है. मौजूदा समय में 600-650 लोगों का यह आयोग निष्पक्ष तरीके से सभी विधानसभा और लोकसभा चुनाव को संपन्न कराता है. इसकी विश्वसनीयता पर सवाल उठाना गलत है. ईवीएम परआरोप बेबुनियाद हैं. अगर आपको लगता है तो सबूत दीजिए.

वोटर लिस्ट से नाम काटे जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि दिल्ली में हमने राजनीतिक दलों से अपील की कि जब बीएलओ वोटर लिस्ट बनाने जाए तो सभी दल अपने बीएलओ को साथ भेजे. मैं देश की सभी राजनीतिक पार्टियों से यह अपील करूंगा.

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