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मेरी लड़ाई सवर्णों से नहीं, लेकिन मैं उन्हें वोट क्यों दूं: चंद्रशेखर आजाद

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में हुई हिंसा के बाद चंद्रशेखर आजाद का नाम चर्चा में आया था. चंद्रशेखर आजाद पर रासुका लगाई गई थी, कुछ समय के लिए वह जेल में भी रहे थे.

एजेंडा आजतक में चंद्रशेखर आजाद (फोटो- aajtak) एजेंडा आजतक में चंद्रशेखर आजाद (फोटो- aajtak)

आजतक के कार्यक्रम 'एजेंडा आजतक' में भीम आर्मी के सहसंस्थापक चंद्रशेखर आजाद ने शिरकत की. आजाद ने अपने भविष्य और उनसे जुड़े मुद्दों पर बात की. उन्होंने इस दौरान जातिगत राजनीति पर भी बात की और कहा कि उनकी लड़ाई सवर्णों से नहीं है. लेकिन इसी के साथ उन्होंने ये भी कहा कि वह उन्हें वोट क्यों दें.

चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि मेरी लड़ाई सवर्णों से नहीं है, लेकिन मैं उन्हें वोट क्यों दूं. क्योंकि वो ही हमारा विरोध करते हैं, वही लोग हैं जो उत्पीड़न करने वालों में शामिल हैं. आजाद ने कहा कि सवर्ण समाज के लोगों ने ही एससी/एसटी एक्ट का विरोध किया है. इसलिए मैं सवर्ण लोगों को वोट क्यों दूं.

भीम आर्मी के सहसंस्थापक ने कहा कि देश में जाति हर व्यक्ति के माथे पर लिखी हुई है. मेरा एक ही मुद्दा है कि मैं बहुजन समाज को मजबूत करूं.

आजाद ने कहा कि वह अभी राजनीति में नहीं आएंगे, लेकिन देश के हर हिस्से में जाएंगे. लोगों को जागरूक करेंगे, ताकि आने वाले आंदोलन के लिए लोगों को तैयार किया जाए. उन्होंने कहा कि मैं तेजस्वी यादव की पार्टी, समाजवादी पार्टी, आरएलएसपी, बहुजन समाज पार्टी जैसे दलों से बात करेंगे और उन्हें मजबूत करेंगे.

खोला रावण नाम का राज

इस सेशन के दौरान उन्होंने अपने नाम को लेकर चल रही खबरों के बारे में भी बात की. उन्होंने कहा कि मेरा नाम चंद्रशेखर आजाद है, मीडिया ने बीच में 'रावण' नाम दिया था जिसे मैंने रख लिया. लेकिन कुछ लोग उसका गलत इस्तेमाल कर रहे थे, यही कारण है कि उन्होंने ये नाम हटा दिया. हालांकि, अगर फिर जरूरत पड़ी तो वो इस नाम को दोबारा रख लेंगे.

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