तन्हाई और फिर एक लंबी बीमारी से जूझने के बाद ए के हंगल साहब ने दुनिया को अलविदा कह दिया. लेकिन छोड़ गए अपने पीछे दौ सौ से ज़्यादा फ़िल्मों का सफ़र और ढेर सारे यादगार किरदार. लेकिन उनके जाने से ख़त्म हो गया एक दौर, अदाकारी का एक अंदाज़ और रह गया महज़ एक सन्नाटा.