एक्टर अनुज सचदेवा को भरे पुलिस स्टेशन में जान से मारने की धमकी मिल चुकी है. अनुज ने हाल ही अपने साथ अपनी ही बिल्डिंग में हुई घटना के बारे में सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था. एक्टर के वीडियो में उनपर एक शख्स हमला करने की बात कहता दिखा था. अब इसके बाद की डरावनी घटना का जिक्र अनुज ने किया है.
अनुज के साथ हुई भयानक घटना
अनुज ने छवि हुसैन के साथ एक पॉडकास्ट में अपने साथ हुई एक बेहद डरावनी घटना शेयर की. उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले उनके साथ ऐसा हादसा हुआ, जिसने उन्हें अंदर तक हिला दिया.
अनुज ने डिटेल में उस घटना का जिक्र करते हुए बताया कि वह एक रात अपने दोस्त के साथ डॉग वॉक पर गए थे. तभी रास्ते में एक कार साइड में खड़ी दिखी. उन्होंने सोचा कि उसकी फोटो खींचकर सोसाइटी ग्रुप में डाल देंगे. इसी दौरान एक आदमी उनके पास आया और उनसे बात करने लगा, फिर अचानक उन पर चिल्लाने और झपटने लगा.
अनुज ने कहा- 14 दिसंबर को मैं रात में अपने कुत्ते को घुमाने गया था, साथ में मेरा एक दोस्त भी था. तभी एक आदमी आया और मुझ पर चिल्लाने लगा. जैसे ही वो आक्रामक हुआ, मेरा डॉग मुझे बचाने के लिए आगे बढ़ा. इस पर उस आदमी ने मेरे कुत्ते को मारना शुरू कर दिया.
उन्होंने आगे कहा- अगर कोई आदमी अकेला हो तो शायद खुद को बचा ले, लेकिन अगर साथ में कुत्ता हो या कोई फीमेल फ्रेंड हो, तो सबसे पहले इंसान उन्हें बचाने की कोशिश करता है. जो वीडियो मैंने शेयर किया है, उसमें आप मेरे दोस्त को वॉचमैन को बुलाते हुए सुन सकते हैं.
शख्स ने पुलिस स्टेशन में दी धमकी
इस पर जब छवि हुसैन ने कहा- सोसाइटी के वॉचमैन के पास ऐसी स्थिति को संभालने की थोड़ी तो पावर होनी चाहिए. तो अनुज ने आगे बताया- कानून में किसी को मारते वक्त इरादा बहुत मायने रखता है. अगर कोई आपके सिर पर मारने की कोशिश करे, तो वो आपको मारने की नीयत से कर रहा होता है. वो अटेम्प्ट टू मर्डर है.
इसके बाद अनुज पुलिस स्टेशन शिकायत दर्ज कराने गए. उन्होंने बताया कि वहां एक दूसरे पुलिस स्टेशन से आया पुलिसकर्मी उनकी FIR को बदलने की कोशिश कर रहा था. इतना ही नहीं, जिसने उन पर हमला किया था, वही आदमी पुलिस स्टेशन में उन्हें धमकी देने लगा. उसने कहा कि ‘2026 तुम्हारा आखिरी साल होगा’.
अनुज ने कहा कि उन्हें मुंबई पुलिस से बहुत उम्मीदें थीं, लेकिन उनका अनुभव बेहद निराशाजनक रहा.
सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करते हुए अनुज ने लिखा था कि- अगर अपनी ही सोसाइटी में गलत तरीके से खड़ी एक कार पर सवाल उठाना आपकी जान के लिए खतरा बन सकता है, तो क्या हम सच में सुरक्षित हैं? अगर कोई आपको मारे तो क्या पलटकर जवाब देना गलत है, या चुपचाप पिटते रहना चाहिए? क्या हमें हमेशा डर के साए में जीना चाहिए, ये सोचकर कि सामने वाला गुंडा या आक्रामक हो सकता है, या फिर हमें अपनी बात रखने का हक है? हाल की इस हिंसक घटना ने ऐसे कई सवाल खड़े कर दिए हैं.