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सदाबहार रेखा को पहचान दिलाने वाली तेलुगू एक्‍ट्रेस अंजलि देवी का निधन

तेलुगू फिल्मों की मशहूर एक्‍ट्रेस अंजलि देवी का सोमवार को एक प्राइवेट अस्पताल में निधन हो गया. 86 साल की अंजलि दिल की बीमारी से पीड़ित थीं.

अंजलि देवी अंजलि देवी

तेलुगू फिल्मों की मशहूर एक्‍ट्रेस अंजलि देवी का सोमवार को एक प्राइवेट अस्पताल में निधन हो गया. 86 साल की अंजलि दिल की बीमारी से पीड़ित थीं. अस्पताल सूत्रों ने बताया कि अंजलि देवी को चार दिन पहले विजया अस्‍पताल में भर्ती कराया गया था. सोमवार दोपहर में उनका निधन हो गया.’ उनके परिवार में दो बेटे हैं.

1928 में जन्‍मीं अंजनी कुमार उर्फ अंजलि देवी ने 1936 में बाल कलाकार के तौर पर फिल्मों में काम शुरू किया था. फिल्म निर्देशक सी. पुलैया ने अंजनी कुमार को अंजलि देवी के नाम से फिल्म जगत में स्थापित किया था. 1947 में तेलुगू भाषा की पारिवारिक फिल्म ‘बालाराजू’ में अंजलि ने पहली बार एक्‍टर अक्कीनेनी नागेश्वर राव के साथ मुख्य भूमिका निभाई थी.

फिल्मों में नाम कमाने से पहले अंजलि लोकप्रिय रंगमंच कलाकार रह चुकी थीं. पौराणिक और पारिवारिक फिल्मों में काम करने के बाद उन्हें घर-घर में पहचाना जाने लगा था. ‘लव-कुश’, ‘भक्त प्रह्लाद’, ‘भक्त तुकाराम’ और ‘बाड़ी पनथुलु’ उनकी कुछ प्रमुख फिल्मों के नाम हैं.

अंजलि ने तमिल फिल्म ‘निरपराधि’ और ‘सर्वाधिकारी’ एवं ‘देवता’ और ‘श्री राम वनवास’ जैसी हिंदी फिल्मों में भी काम किया. अपनी फिल्म निर्माण कंपनी अंजलि पिक्चर्स के बैनर तले उन्होंने ‘अनारकली’, ‘परदेसी’ और ‘सुवर्ण सुंदरी’ जैसी 20 सफल फिल्मों का निर्माण किया. हिंदी फिल्मों की मशहूर अभिनेत्री रेखा को तेलुगू फिल्म ‘रंगुला रत्‍नम’ में बाल कलाकार के रूप में पहचान दिलाने का श्रेय अंजलि को ही जाता है.

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