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मेरी और तब्बू की 'लड़कों वाली' दोस्ती है: अजय देवगन

एक्टर अजय देवगन की फिल्म 'दृश्यम' इस हफ्ते रिलीज हो रही है जिसमें वो एक चौथी फेल एक आम आदमी का किरदार निभा रहे हैं, हमने फिल्म रिलीज से पहले बात की अजय देवगन से तो उन्होंने फिल्म के बारे में कई दिलचस्प बातें बताईं.

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अजय देवगन (फाइल फोटो)
अजय देवगन (फाइल फोटो)

एक्टर अजय देवगन की फिल्म 'दृश्यम' इस हफ्ते रिलीज हो रही है जिसमें वो एक चौथी फेल एक आम आदमी का किरदार निभा रहे हैं, हमने फिल्म रिलीज से पहले बात की अजय देवगन से तो उन्होंने फिल्म के बारे में कई दिलचस्प बातें बताईं.


देखिये कुछ फिल्में होती हैं जिन्हे आप साउथ की रीमेक कहते हैं, यह फिल्म वैसी नहीं है. कुछ ऐसी कहानियां होती हैं जिन्हे पूरी दुनिया को देखनी चाहिए. 'दृश्यम' इसी तरह की फिल्म है जिसे हम सिर्फ साउथ में ही नहीं बल्कि हरेक सिनेमाप्रेमी को दिखाना चाहते हैं. यह मेरी सबसे अच्छी फिल्मों में से एक है.

ओरिजिनल स्क्रिप्ट में कितना बदलाव किया गया है?
जब मैंने डायरेक्टर निशिकांत कामत से पूछा की वो कितना बदलाव करने वाले हैं तो निशि ने कहा, 'सर ओरिजिनल इतनी कमाल की बनी है अगर मैं उसके 80% तक भी पहुंच जाऊं तो मुझे खुशी होगी.' मुझे निशि की ये बात बहुत अच्छी लगी.

क्या फिल्म में क्राइम को बढ़ावा दिया गया है?
नहीं ऐसा नहीं है, अगर आप फिल्म देखेंगे तो आप समझ जाएंगे, गलती हमेशा दोनों तरफ से होती है, फिर चाहे मैं हूं या फिर कोई आम आदमी.

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आप जिस किरदार को निभा रहे हैं, उसे पहले साउथ में और मोहनलाल निभा चुके हैं, आपको लगता है कि दोनों से आपकी तुलना की जायेगी?
ऐसा नहीं है, मैं खुद की तुलना कमल हसन और मोहनलाल से कर ही नहीं रहा क्योंकि वो काफी सीनियर और कमाल के एक्टर्स हैं.

आपने ओरिजिनल फिल्म देखी है?
नहीं, मैंने मोहनलाल और कमल हसन जी की फिल्में नहीं देखी है क्योंकि मैं उनसे प्रभावित हुए बगैर अपने हिसाब से फिल्म करना चाह रहा था.

फिल्म में 'चौथी फेल' पर ज्यादा जोर दिया गया है?
जी यही तो फिल्म की विशेषता है की किस तरह से एक चौथी फेल आदमी सिस्टम से लड़ता है और उसे कानूनी तरीके से मात देता है. यह फिल्म उसी मध्यमवर्गीय इंसान की दास्तान है.


'दृश्यम' एक संस्कृत शब्द है जिसका मतलब है 'दृश्य' और जो दृश्य दिखाया जा रहा है वास्तव में वो है ही नहीं. तो कहानी पूरे तरह से वास्तविकता से परे है. वो जो भी दृश्य दिखाना चाहता है उसकी सच्चाई धीरे-धीरे खुलती जाती है.

आपकी फिल्म 'शिवाय' के भी काफी चर्चे हैं?
जी वो काफी अलग फिल्म होने वाली है, किसी भी पौराणिक गाथा पर आधारित नहीं है. उसकी शूटिंग इसी साल के अंत तक शुरू हो जायेगी.

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'शिवाय' में एक्शन काफी है?
जी पहाड़ों में, बर्फ में, कई जगहों पर उसकी शूटिंग होनी है. डेढ़ साल से तैयारी हो रही है.


देखिये मैं खुद एक शिव भक्त हूं. वो एक ऐसे भगवान हैं जिनसे आज की पीढ़ी काफी कनेक्ट करती है. वो गुस्सा भी करते थे, 'भोले' भी थे, विनाश भी करते थे, खुश होकर नाचते भी थे, और यह मिजाज आम आदमी का होता है. मेरी फिल्म में शिवा ने अपने माईनस पॉइंट्स को प्लस कैसे बनाए, यही कहानी है. तो मैंने यह सारे रूप उठाकर फिल्म बनाने की कोशिश की है. फिल्म के किरदार का नाम 'शिवाय' है, और वो शिव भक्त तो नहीं लेकिन उनकी विविधताओं का अनुयायी है.


हम दोनों बचपन के दोस्त हैं. हमारी दोस्ती बिल्कुल वैसी है जैसी दो लड़कों की आपस में होती है. हम एक दूसरे को कुछ भी बोल सकते हैं.

 

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