तापसी पन्नू ने भुवनेश्वर के केआईआईटी (KIIT) ऑडिटोरियम में 'इंडिया टुडे माइंड रॉक्स' में शिरकत की. इस दौरान उन्होंने कास्टिंग काउच, अपने करियर, अफेयर और निजी जीवन को लेकर कई सवालों के जवाब दिए. मीटू मूवमेंट के बाद पहली बार बी बॉलीवुड की किसी एक्ट्रेस ने बातचीत में बताया कि अब फिल्मों के सेट पर किस तरह माहौल रहता है.
जर्नलिस्ट सुशांत मेहता के साथ सेशन में तापसी ने कास्टिंग काउच पर बात की. उन्होंने कहा- "मेरे साथ कभी ऐसी स्थिति नहीं बनी, क्योंकि मुझे कभी डोर-टू-डोर जाकर काम नहीं मांगना पड़ा, लेकिन मेरे साथ न होने का मतलब ये नहीं कि ऐसा होता ही नहीं है. ये गर्ल्स और बॉयज दोनों के साथ होता है. जेंडर इनइक्वेलिटी भी एक बड़ा मुद्दा है. इससे इंकार नहीं किया जा सकता."
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मीटू मूवमेंट के बाद शूटिंग सेट पर क्या बदला?
तापसी ने कहा, "मीटू मूवमेंट के बाद ये बदलाव आया है कि अब मैं सेट पर जाती हूं तो लोग इस बात को लेकर कॉन्शियस रहते हैं कि कैसे महिलाओं से बात करनी है, क्या बोलना है? वे अदब से पेश आते हैं. दरअसल, हम कैमरे के साथ सामने रहते हैं, सब हमें जानते हैं, इसलिए हम अपनी बात कह सकते हैं, लेकिन शोषण दूसरी फील्ड में भी होता है, जहां जाहिर करना मुश्किल होता है."
फिल्मों के लिए मनहूस मानने लगे थे लोग
तापसी ने बताया- "साउथ में मेरी शुरुआती एक के बाद एक फिल्में फ्लॉप हो गईं. इनमें मेरा कोई खास रोल भी नहीं था, दो-चार सीन थे. इसके बाद बावजूद मुझे लोग इनकी असफलता के लिए जिम्मेदार मानने लगे. मुझे 'अनलकी चार्म' कहा जाने लगा. कोई मेरे साथ काम करने को तैयार नहीं था. लेकिन मैंने आपा नहीं खोया. जब तब आप असफलता नहीं देख लेते आपको सफलता का मतलब पता नहीं चलता. "