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परिणिति और सिद्धार्थ की फिल्म हंसी तो फंसी का नया गाना, जहनसीब

कभी ‘तेरा इमोसनल अत्याचार’, तो कभी ‘जिंदा हूं यार काफी है’ से फड़कते रौशन गाने लिखते हैं अमिताभ भट्टाचार्य. वही जनाब जिन्होंने देश को बताया कि हर एक फ्रेंड जरूरी होता है. उनका एक नया गाना आया है. जहनसीब, तुझे चाहूं बेतहाशा जहनसीब...मेरे करीब, मेरे हबीब, तुझे बेतहाशा जहनसीब.

हंसी तो फंसी के गाने जहनसीब का एक सीन हंसी तो फंसी के गाने जहनसीब का एक सीन

कभी ‘तेरा इमोसनल अत्याचार’, तो कभी ‘जिंदा हूं यार काफी है’ से फड़कते रौशन गाने लिखते हैं अमिताभ भट्टाचार्य. वही जनाब जिन्होंने देश को बताया कि हर एक फ्रेंड जरूरी होता है. उनका एक नया गाना आया है. जहनसीब, तुझे चाहूं बेतहाशा जहनसीब...मेरे करीब, मेरे हबीब, तुझे बेतहाशा जहनसीब. ये गाना है डायरेक्टर विनिल मैथ्यू की फिल्म ‘हंसी तो फंसी’ का. ये फिल्म इस साल 7 फरवरी को रिलीज होगी. इसमें लीड रोल में हैं हमारी पीढ़ी की काजोल यानी परिणिति चोपड़ा जो निभा रही हैं मीता का किरदार. उनके अपोजिट हैं निखिल का किरदार निभा रहे सिद्धार्थ मल्होत्रा.

मीता और निखिल की ये कहानी बड़ी दिलचस्प होगी ऐसा लगता है. ये लड़की टूथपेस्ट खाती है, जैसा बापनुमा डायलॉग सुनने के बाद यही छवि उभरती है कि बंदी ये बिंदास है. बहरहाल, ये शोख, कुछ सुस्त और सुरों पर रेंगता गाना सुनिए. जिसे गाया है चिन्मयी श्रीप्रसाद और शेखर रावजियाणी ने.

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