दिग्गज गायिका गीता दत्त का जन्म 23 नवंबर 1930 को फरीदपुर (बांग्लादेश) में हुआ था. वह हिंदी सिनेमा की मशहूर प्लेकबैक सिंगर्स में से एक रही हैं. उन्होंने 'बाबूजी धीरे चलना' और 'वक्त ने किया?' जैसे बेहतरीन गाने गाए. 1947-1949 के बीच उन्होंने बॉलीवुड में बतौर प्लेबैक सिंगर राज किया था. लेकिन निजी रिश्तों में तनाव के चलते धीरे-धीरे उनका सिंगिंग करियर पीछे छूटता चला गया.
यह सब तब हुआ जब गुरू दत्त और उनके प्यार के आशियाने में खटास आई. बता दें, फिल्म बाजी के लिए रिकॉर्डिंग करते वक्त वह गुरु दत्त से पहली बार मिली थीं. धीरे-धीरे दोनों के बीच प्यार की पींगे बढ़ीं. जिसके बाद 26 मई 1953 को दोनों ने शादी कर ली. गीता और गुरु दत्त के 3 बच्चे हैं.
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उनकी शादी में तब भूचाल आया जब गुरु दत्त के वहीदा रहमान के साथ अफेयर की खबरें आने लगी थीं. दोनों के रिश्ते में तल्खियां बढ़ने लगीं. कहा जाता है गुरु दत्त उन्हें लेकर एक फिल्म बनाना चाहते थे लेकिन अफेयर की खबरों से नाराज गीता ने पति की यह फिल्म करने से मना कर दिया था. धीरे-धीरे गानों के प्रति उनका रवैया ढीला होता गया. पारिवारिक समस्या में उलझी गीता को अपनी अनुशासनहीनता की वजह से कई प्रोजेक्ट्स से हाथ धोना पड़ा.

उनके शुरूआती करियर की बात करें तो गीता को कंपोजर हनुमान प्रसाद ने सिंगिग के लिए ट्रेन किया था. उन्होंने ही इस टैलेंटेड गायिका को बॉलीवुड में लॉन्च किया था. 16 साल की उम्र में गीता ने फिल्म के लिए अपना पहला गाना गाया था. 1947 में हनुमान प्रसाद ने धार्मिक फिल्म 'भक्त प्रहलाद' में उन्हें लॉन्च किया था. हालांकि उन्हें इस फिल्म में कुछ गानों की बस दो लाइनें गाने को मिली थी. लेकिन उनकी मधुर आवाज में गाई चंद लाइनों ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया था.
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एसडी बरमन भी गीता दत्त के गाने सुनने के बाद उनसे काफी प्रभावित हुए. जिसके बाद उन्होंने तुरंत ही गीता से संपर्क किया. 1947 में उन्होंने फिल्म 'दो भाई' के गाने गाए. इस फिल्म का म्यूजिक सिनेप्रेमियों के बीच काफी हिट रहा. उन्होंने एसडी बरमन के लिए 72 गाने गाए, जिनमें से 43 सोलो सॉन्ग थे.