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फ्रीडम फाइटर भी थे गाइड के 'मार्को', इस शौक की वजह से आ गए फिल्मों में

देव आनंद-वहीदा रहमान स्टारर फिल्म गाइड में नजर आ चुके एक्टर, डायरेक्टर और प्रोड्यूसर किशोर साहू 60 के दशक के बेहतरीन एक्टर्स और डायरेक्टर्स में से एक थे. 22 नवंबर 1915 को जन्में किशोर साहू का निधन आज ही दिन 22 अगस्त 1980 को बैंकॉक में हुआ था.

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किशोर साहू को गाइड में मार्को की भूमिका के लिए आज भी याद किया जाता है.
किशोर साहू को गाइड में मार्को की भूमिका के लिए आज भी याद किया जाता है.

देव आनंद-वहीदा रहमान स्टारर क्लासिक फिल्म "गाइड" में नजर आ चुके एक्टर, डायरेक्टर और प्रोड्यूसर किशोर साहू 60 के दशक के बेहतरीन कैरेक्टर एक्टर्स में शुमार थे. 1965 में आई गाइड रिलीज हुई थी और यही वो फिल्म है जिसमें वहीदा के पति के रूप में किशोर साहू के किरदार मार्को को दर्शकों ने खूब पसंद किया.

22 नवंबर 1915 को जन्में किशोर साहू का निधन आज ही दिन 22 अगस्त 1980 को बैंकॉक में हुआ था. फिल्मी करियर में किशोर ने मयूरपंख (1954), दिल अपना और प्रीत पराई (1960), हरे कांच की चूड़ियां (1967) जैसी फिल्मों से शोहरत हासिल की. हालांकि किशोर साहू को गाइड में मार्को की भूमिका की वजह से जो पहचान मिली वह बेमिसाल है.

किशोर साहू का जन्म मध्यप्रदेश में हुआ था. उनके पिता राजनंदगांव के राजा के मुख्यमंत्री थे. किशोर की पत्नी प्रीति साहू एक कुमाउंनी ब्राहमण थीं. उनके चार बच्चे विमल साहू, नैना साहू, ममता साहू और रोहित साहू हैं. किशोर साहू ने 1937 में नागपुर यूनिवर्स‍िटी से ग्रैजुएशन पूरी की और भारत की स्वतंत्रता लड़ाई में भी शामिल हुए. मगर कहानी लिखने के शौक ने उन्हें फिल्मों की दुनिया में लाकर खड़ा कर दिया.

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दरअसल, किशोर को शॉर्ट स्टोरीज लिखने का शौक था. और इसी शौक ने उन्हें धीरे-धीरे सिनेमा की ओर आकर्षित किया. फिर उन्होंने बतौर एक्टर फिल्म इंडस्ट्री में शुरुआत की.

किशोर साहू के निर्देशन में बनीं कुंवारा बाप को BFJA बेस्ट इंडियन फिल्म्स अवॉर्ड से नवाजा जा चुका है. उनकी फिल्म राजा ने भी अलग छाप छोड़ी है. किशोर की सबसे बड़ी उपलब्ध‍ियों में से एक है "मयूरपंख".

1954 में आई मयूरपंख का निर्देशन और प्रोडक्शन किशोर ने किया था. उन्होंने ही इसकी स्टोरी लिखी और इसमें रंजीत सिंह का किरदार निभाया. फिल्म में उनके अपोजिट सुमित्रा देवी थी. इस फिल्म को कांस फिल्म फेस्ट‍िवल में ग्रैंड प्राइज ऑफ द फेस्ट‍िवल के लिए नॉमिनेट किया गया था.

किशोर के निर्देशन में नदिया के पार, पुष्पांजलि, हरे कांच की चूड़ियां, दिल अपना और प्रीत पराई, गृहस्थी, बड़े सरकार, कुंवारा बाप, राजा, शरारत, सिंदूर आदि हिट फिल्में बनीं है. 22 अगस्त 1980 को किशोर का निधन हार्ट अटैक की वजह से हो गया. उस वक्त वे भारत से बाहर थाइलैंड के बैंकॉक शहर में थे.

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