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पद्मावत को हरी झंडी से सेंसर बोर्ड का घेराव करेगी करणी सेना, दी थिएटर जलाने की धमकी

चर्चा है कि संजय लीला भंसाली की बहुचर्चित फिल्म पद्मावत 25 जनवरी को रिलीज हो रही है. इस बीच करणी सेना ने सेंसर के मुंबई ऑफिस का घेराव करने की धमकी दी है.

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फिल्म के पोस्टर में दीपिका पादुकोण
फिल्म के पोस्टर में दीपिका पादुकोण

संजय लीला भंसाली की बहुचर्चित फिल्म पद्मावत को आखिरकार रिलीज डेट मिल गई है. चर्चा है कि फिल्म 25 जनवरी को रिलीज होगी. इसी बीच खबरें आ रही हैं कि करणी सेना सेंसर बोर्ड मुंबई के ऑफिस का घेराव करेगी. पद्मावत की रिलीज डेट आने की चर्चा के बाद करणी सेना ने 12 जनवरी को सेंसर बोर्ड के मुंबई ऑफिस के बाहर विरोध करने की धमकी दी है.

बता दें कि करणी सेना नाम बदलने के बाद भी भंसाली की पद्मावत को रिलीज न होने देने की धमकी दी है. राजपूत नेता सुखदेव सिंह गोगामेडी ने कहा है कि केवल नाम बदलने से बदलाव आ जाता है तो पेट्रोल का नाम बदलकर गंगाजल रख देंगे. इसी गंगाजल को छिड़क कर सिनेमाघरों में आग लगा देंगे. कहा, जिन सिनेमाघरों में 'पद्मावत' रिलीज होगी वहां आग लगा देंगे. राजस्थान में तो वसुंधरा राजे की सरकार ने फिल्म की रिलीज को बैन कर दिया है.

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हालांकि की धमकी पर बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने आज तक से कहा, किसी को भी लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने का अधिकार है. अगर किसी की भावनाओं को ठेस ना हो तो फिल्म के रिलीज में कोई परेशानी नहीं है.

 जनता कर्फ्यू लगाने की धमकी

करणी सेना के राष्ट्रीय संरक्षक लोकेन्द्र सिंह कालवी ने तो साफ धमकी दी है कि संजय लीला भंसाली की आने वाली फिल्म -रिलीज़  नहीं होने देंगे, फिर चाहे उसका नाम पद्मावती हो या फिर पद्मावत. उन्होंने कहा कि इसके लिए जनता कर्फ्यू लगाई जाएगी. अगर भंसाली को इस फिल्म को रिलीज़ करना है तो अदलावती, लीलावती या फिर किसी और नाम से रिलीज़  करे. साथ ही उन्होंने ये भी साफ़ कर दिया की ,सभी पात्र भी बदलने होंगे, नहीं तो हम देखेंगे की जोर कितना बाजुए कातिल में है. इससे ये तो साफ़ हो गया कि करणी सेना पूरी तरह से राजपूतों को इकठ्ठा कर एक बड़े आंदोलन करने की तैयारी की ओर अग्रसर है.

आजतक द्वारा पूछे गए सवाल कि आखिर जनता कर्फ्यू मतलब क्या है आपका,  तो कालवी ने अपनी भाषा को संयमित कर कहा कि जनता कर्फ्यू से उनका अभिप्राय सिनेमा घरों को बंद करना है, चूं‍कि हमने भारत बंद का ऐलान किया था , लेकिन 26 जनवरी हमारे गणतंत्र दिवस का सम्मान करते हैं, इसलिए हम गणतंत्र दिवस पर भारत बंद के अपने फैसले को वापस ले रहे हैं.

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उत्तराखंड के सीएम ने कहा कि फिल्म देखने के बाद ही कोई कदम उठाएंगे

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से और उत्तराखंड के सीएम से मुखिया त्रिवेंद्र सिंह रावत से हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है. वहीं, दूसरी ओर उत्तराखंड प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से जब हमने इस बारे में बात की, तो उन्होंने साफतौर पर कहा की कालवी जी ने हमसे मुलाकात तो की है ,पर जब तक हम फिल्म देख नहीं लेते ,तब तक हम राज्य में इसे बैन नहीं कर सकते.

त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए आजतक से कहा की किसी भी हाल में किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है, अगर ऐसा होता है तो इससे बेहद सख्ती से निपटा जाएगा.

क्या फिल्म में लगाए गए हैं 300 कट

इस बीच मुंबई मिरर में एक रिपोर्ट आई कि फिल्म में CBFC द्वारा सुझाए गए एक बदलाव को करने के लिए 300 कट लगाए गए हैं. हालांकि एक इंटरव्यू में सेंसर चीफ प्रसून जोशी ने 300 कट वाली खबर को खारिज कर दिया. बता दें कि इतिहास के साथ छेड़छाड़ करने के आरोप में घिरी फिल्म पद्मावत को सेंसर बोर्ड से U/A सर्टिफिकेट मिला है.

CBFC की जांच कमेटी ने फिल्म निर्माताओं में 5 बड़े बदलाव को सुझाया. टाइटल में बदलाव के अलावा ये चार बदलाव भी शामिल हैं.

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1. डिस्कलेमर में ऐतिहासिक तथ्यों से जुड़े होने का दावा ना होना.

2. घूमर गाने में बदलाव.

3. डिस्कलेमर में बताना होगा कि सती प्रथा का महिमामंडन नहीं किया गया है.

4. ऐतिहासिक स्थलों को लेकर दिखाए गलत संदर्भों को सही किया जाए.

मुंबई मिरर की रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म में मेवाड़, दिल्ली और चित्तौड़ से जुड़े सभी रिफरेंस हटाए जाएंगे. अगर रिपोर्ट की मानें तो दर्शकों को यह नहीं पता चलेगा कि खिलजी कहां से आया था और वह युद्ध के लिए कहां गया.

संजय लीला भंसाली और उनकी टीम पद्मावत में सेंसर बोर्ड द्वारा बताए गए बदलावों पर काम कर रही है. वैसे देखा जाए तो यह दर्शकों के लिए थोड़ा अटपटा होगा कि क्योंकि फिल्म देखने के बाद उन्हें पता नहीं चलेगा कि यह युद्ध कहां लड़ा गया है.

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