तमिल फिल्म स्टार कमल हासन ने फिल्म 'पद्मावती' और दीपिका पादुकोण की सपोर्ट में ट्वीट किया है. कमल हासन ने कहा- 'दीपिका की स्वतंत्रता का सम्मान किया जाए. मैं चाहता हूं कि दीपिका का सिर सुरक्षित रहे.'
कमल हासन ने पद्मावती को लेकर हालिया विवादों पर निशाना साधते हुए ये ट्वीट किया. उन्होंने लिखा, 'मैं चाहता हूं कि दीपिका का सिर सुरक्षित रहे. उनके शरीर से अधिक इसका सम्मान किया जाए. इससे भी ज्यादा उनकी स्वतंत्रता का सम्मान किया जाए. कई समुदायों ने मेरी फिल्मों का विरोध किया है. किसी भी बहस की अति निंदनीय है.' उन्होंने यह भी लिखा, 'जागो उत्सवधर्मी भारत. सोचने का समय है. हम बहुत कुछ बोल चुके, भारत मां की सुनो.'
I wantMs.Deepika's head.. saved. Respect it more than her body.Even more her freedom. Do not deny her that.Many communities have apposed my films.Extremism in any debate is deplorable. Wake up cerebral India.Time to think. We've said enough. Listen Ma Bharat
— Kamal Haasan (@ikamalhaasan)
बता दें कि 'पद्मावती' फिल्म के विरोध में भाजपा नेता ने फिल्म के निर्देशक संजय लीला भंसाली और दीपिका पादुकोण का सिर काट कर लाने वाले को दस करोड़ का इनाम देने का ऐलान किया था. हरियाणा में सत्तारूढ़ भाजपा के नेता कुंवर सूरजपाल अमु ने सोमवार को दोहराया कि वह दोनों के सिर काटकर लाने वाले को 10 करोड़ रुपये का इनाम देने के अपने ऐलान पर कायम हैं. एक राजपूत नेता ने दीपिका की नाक काटने की धमकी दी थी.
राज्य में भाजपा के मुख्य मीडिया समन्वयक अमु ने कहा कि उन्होंने यह बयान पार्टी पदाधिकारी के तौर पर नहीं बल्कि 'राजपूत' होने के नाते दिया है. उन्होंने रणवीर सिंह की टांग तोड़ने की भी धमकी दी है. इससे पहले पिछले कुछ महीनों से राजपूत कर्णी सेना फिल्म पर प्रतिबंध लगाने के लिए प्रदर्शन कर रही है.
शिवराज ने 'पद्मावती' को बताया राष्ट्रमाता, MP में बैन कर दी फिल्म
मध्यप्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहन ने स्पष्ट कहा है कि मध्यप्रदेश की धरती पर फिल्म रिलीज नहीं होगी. वहीं कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि दीपिका पादुकोण हमारे देश का गौरव हैं, पद्मावती फिल्म के संदर्भ में उनको पूरा समर्थन है. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने एक समारोह में इस बात का ऐलान किया कि संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती मध्यप्रदेश की धरती पर रिलीज नहीं होगी. शिवराज चौहान ने कहा, 'महारानी पद्मावती से जुड़े ऐतिहासिक तथ्यों से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी. मैं स्पष्ट कहना चाहता हूं कि मध्यप्रदेश की धरती पर पद्मावती फिल्म रिलीज नहीं होगी.' यही नहीं शिवराज चौहान ने भोपाल में देश की वीरों की याद में बनने वाले वीर भारत स्मारक स्थल में महारानी पद्मावती का स्मारक बनाने की भी घोषणा की.

क्यों है विवाद ?
कई बातों को लेकर विवाद है. आरोपों के मुताबिक़ फिल्म में अलाउद्दीन खिलजी को महिमामंडित किया गया है. खिलजी और रानी पद्मिनी के बीच ड्रीम सीक्वेंस फिल्माया गया है. रानी पद्मावती को उस तरह दिखाया गया जैसा राजपूत या राजपरिवारों में नहीं होता. घूमर डांस में भी राजपूत समाज की गलत प्रस्तुति हुई. कहा जा रहा कि पुरुषों के सामने रानियां डांस नहीं करती.
ये फिल्म सात सौ साल पहले की एक कहानी पर बन रही है. हिंदी कवि मालिक मोहम्मद जायसी ने पद्मावत लिखी थी. इसमें रानी पद्मिनी और खिलजी का जिक्र है. कुछ लोग गल्प मानते हैं तो वहीं कई लोग इसे ऐतिहासिक कहानी बताते हैं. कहा जाता है कि खिलजी रानी पद्मिनी को लेकर आशक्त था. उसने मेवाड़ पर हमला कर दिया था. रानी पद्मिनी ने 16 हजार राजपूत महिलाओं के साथ जौहर कर लिया था.
सफाई दे चुके हैं भंसाली
बता दें कि पद्मावती में अलाउद्दीन खिलजी और रानी पद्मिनी के बीच ड्रीम सीक्वेंस को लेकर विवाद था जिस पर मेकर्स की ओर से सफाई आ चुकी है. भंसाली ने हाल ही में सोशल मीडिया में एक बार फिर कहा कि फिल्म में इस तरह का कोई सीक्वेंस नहीं है. ये फिल्म 1 दिसंबर को रिलीज होनी है.