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फीमेल डायरेक्‍टर्स मेल डायरेक्‍टर्स से अच्‍छी फिल्‍में बना सकती हैं: फराह खान

फिल्म डायरेक्‍टर फराह खान ने यह मिथ तोड़ दिया है कि महिला फिल्म डायरेक्‍टर्स मसाला फिल्में नहीं बना सकतीं. कई हिट फिल्में देनी वालीं फराह कहती हैं कि उन्होंने साबित कर दिया है कि वह यह काम मर्दो से ज्यादा बेहतर कर सकती हैं.

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Director Farah Khan
Director Farah Khan

कि महिला फिल्म डायरेक्‍टर्स मसाला फिल्में नहीं बना सकतीं. 'मैं हूं ना' और 'ओम शांति ओम' जैसी हिट फिल्में देनी वालीं फराह कहती हैं कि उन्होंने साबित कर दिया है कि वह यह काम मर्दों से ज्यादा बेहतर कर सकती हैं.

फराह की हाल ही में रिलीज हुई फिल्म थी. फिल्म में शाहरुख खान, दीपिका पादुकोण, जैकी श्रॉफ, अभिषेक बच्चन, बोमन ईरानी, विवान शाह और सोनू सूद ने दर्शकों का खूब एंटरटेन करने की कोशिश की है.

फराह ने एक इंटरव्‍यू में कहा, 'हम जानते थे कि यह अच्छी कमाई करेगी, क्योंकि इसमें शाहरुख, दीपिका और मैं हूं. यह एक बड़ी फिल्म है. हम जानते थे कि इसे बहुत अच्छी शुरुआत मिलेगी, लेकिन इतनी जबर्दस्त! यह कोई नहीं जानता था, मेरे ख्याल से फिल्म इंडस्‍ट्री के क्रिटिक्‍स तक हैरत में हैं.' ने कहा, 'हम एक ऐसे देश में रहते हैं, जहां औरतों को दबाकर रखा जाता है, उनसे दुर्व्यवहार होता है और उन्हें बताया जाता है कि आप वो चीजें नहीं कर सकतीं, जो मर्द कर सकते हैं.'

उन्होंने कहा, 'मैं ऐसे किसी भी फिल्म समीक्षक के दबाव में नहीं आना चाहती, जो सोचता है कि मुझे स्‍लो, नीरस और इमोशनल फिल्में ही बनानी चाहिए और मुझे मेल ओरिएंटिड फिल्‍में नहीं बनानी चाहिए, वह गलत है

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इसके अलावा फराह ने हमेशा की तरफ बेबाकी से कहा, 'पांच फिल्म समीक्षकों को खुश करना बेहद आसान है, लेकिन पूरे देश को खुश करना जिनकी सोच क्रिटिक्‍स से अलग है उन्‍हें खुश करना बहुत मुश्किल है.'

- इनपुट IANS

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