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पद्मावती पर रोक लगाने से चुनाव आयोग का इनकार, BJP ने की थी मांग

गुजरात चुनाव के चलते न तो पद्मावती बैन होगी, न ही पोस्टपोन. फिल्म की रिलीज टालने की भाजपा की मांग  को चुनाव आयोग ने खारिज कर दिया है.

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पद्मावती पद्मावती

चुनाव आयोग ने उस मांग को खारिज कर दिया है, जिसमें कहा गया था कि गुजरात में विधानसभा चुनाव के चलते फिल्म पद्मावती की रिलीज पर रोक लगाई जाए या इसे आगे बढाया जाए. ये मांग भाजपा की प्रदेश ईकाई ने चुनाव आयोग को एक पत्र लिखकर की थी. टीवी रिपोर्ट्स के अनुसार, चुनाव आयोग ने संजय लीला भंसाली की इस फिल्म पर बैन लगाने या इसकी रिलीज को आगे बढ़ाने से इंकार किया है.

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गुजरात के प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष आईके जडेजा ने मीडिया को बताया था कि गुजरात के 15-16 जिलों के राजपूत समाज ने पार्टी से इस फिल्म को बैन कराए जाने की मांग की थी. उनका तर्क था कि फिल्म में ऐतिहासिक तथ्यों के साथ छेड़छाड़ की गई है, जिससे राजपूत समाज की भावनाओं को ठेस पहुंची है. इसलिए उन्होंने फिल्म पर बैन की मांग की. ये फिल्म एक दिसंबर को रिलीज हो रही है.

भंसाली की इस फिल्म का विरोध राजस्थान और गुजरात में हो रहा है. पहले भी शूटिंग के दौरान पद्मावती विरेाध का सामना कर चुकी है. भंसाली की फिल्म पर सवाल उठाते हुए जडेजा ने कहा, पार्टी के राजपूत नेताओं को फिल्म दिखानी चाहिए. राजपूत समाज से अप्रूवल के बिना इसे रिलीज करने से हिंसा भड़क सकती है. जडेजा का दावा है, क्षत्रीय समाज के कई प्रतिनिधियों ने पार्टी के सामने ऐसे साक्ष्य रखें हैं जिससे साबित होता है कि फिल्म की कहानी में तथ्यों के साथ छेड़छाड़ हुई है. उन्होंने कहा, गुजरात चुनाव के दौरान फिल्म की वजह से किसी तरह की हिंसा न फैले, इसके लिए चुनिंदा राजपूत प्रतिनिधियों को फिल्म का कंटेंट दिखाना चाहिए.

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1 दिसंबर को फिल्म 9 को चुनाव

महाराष्ट्र की बीजेपी सरकार में एक मंत्री जयकुमार रावल ने फिल्म पर बैन लगाने की मांग की. उन्होंने कहा, फिल्म में राजपूत समाज की भावनाओं के साथ छेड़छाड़ किया गया है. इस वजह से राज्य में अराजकता फ़ैल सकती है. बता दें कि रानी पद्मावती की कहानी पर बनने वाली ये फिल्म 1 दिसंबर को रिलीज की जाएगी. गुजरात में 9 और 14 दिसंबर को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान है.

फिल्म में पद्मावती का रोल दीपिका पादुकोण कर रही हैं. जबकि अलाउद्दीन खिलजी के किरदार में रणवीर सिंह हैं. करणी सेना फिल्म की शूटिंग के दौरान से ही इसका विरोध कर रही है. राजस्थान में शूटिंग के वक्त तोड़फोड़ की घटना हुई थी. करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने फिल्म के निर्देशक संजय लीला भंसाली के साथ हाथापाई भी की थी.

बीजेपी की चिट्ठी में क्या लिखा है?

इससे पहले गुरुवार को बीजेपी ने चुनाव आयोग, केंद्र सरकार और सेंसर बोर्ड को चिट्ठी लिखी. कहा गया कि यह फिल्म क्षत्रीय  समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचा सकती है. लिहाजा फिल्म को रिलीज से पहले पार्टी के राजपूत प्रतिनिधियों को दिखाया जाना चाहिए. पार्टी की दलील है कि ऐसा करने से रिलीज के वक्त फिल्म के लिए सहूलियत रहेगी और किसी भी तरह की तनावपूर्ण परिस्थितियों से बचा जा सकेगा.

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