कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए मास्क पहनना एक जरूरी आदत बन चुका है. इस न्यू नॉर्मल को लोगों ने तेजी से स्वीकार कर लिया है हालांकि मास्क पहनने से बहुत से लोगों को घुटन और खुलकर सांस नहीं आने जैसी दिक्कतें हो रही हैं जिसके ऊपर ढेरों जोक्स और मीम्स भी बन रहे हैं. इसी बीच रूढ़िवादी विचारधारा के लोगों पर तंज कसते हुए शबाना आजमी ने एक ट्वीट किया है.
शबाना आजमी ने अपने ट्वीट में मास्क की एक तस्वीर शेयर की और कैप्शन में लिखा, "मास्क लगा कर दो ही दिन में थक गया वो आदमी, जो कहता था कि औरत को पर्दे में रहना चाहिए." शबाना आजमी के इस ट्वीट पर लोगों ने तमाम रीट्वीट और रिप्लाई किए हैं. तमाम यूजर्स ने शबाना की बात का समर्थन किया है और कई लोगों ने उन्हें इसी बात पर ट्रोल भी करना शुरू कर दिया.
Mask lagakar do hi din mein thak gaya woh aadmi/ jo kehta tha aurat ko parde mein rehna chahiye !!
— Azmi Shabana (@AzmiShabana)
पर्दाप्रथा के खिलाफ, आपके मुहंसे सुनकर अच्छा लगा, काश आप उन मर्दों के वारे में भी अपने बिचार ब्यक्त करती जो औरोतों को सिर्फ बच्चे पैदा करने की मशीन समझता है पर बच्चे पैदा करने के समय होनेवाले दर्द का अहसास किये बगैर।काश आप सचमुच community feelings के ऊपर उठ पाती, बिना फतवे से डरे
— NIL Mukherjee 🇮🇳 (@NilotpalMukher6)
यूजर्स ने किए ऐसे कमेंट
विरोध करने वाले यूजर्स ने बुरका पहनी औरतों की तस्वीरें शेयर की हैं और कहा है. एक यूजर ने लिखा, "मैम इस बात पर तो हम आपके साथ हैं, "बुर्के पर बैन" लगना चाहिए, इतनी गर्मी में बोरे की तरह पैक इंसान की क्या हालत होती होगी बुर्के में."
इसी तरह एक यूजर ने लिखा, "पर्दाप्रथा के खिलाफ आपके मुंह से सुनकर अच्छा लगा, काश आप उन मर्दों के बारे में भी अपने विचार व्यक्त करतीं जो औरतों को सिर्फ बच्चे पैदा करने की मशीन समझता है पर बच्चे पैदा करने के समय होने वाले दर्द का अहसास किए बगैर. काश आप सचमुच कम्युनिटी फीलिंग्स के ऊपर उठ पाती, बिना फतवे से डरे."