सर्जिकल स्ट्राइक पर बनी फिल्म उड़ी और एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर 11 जनवरी को रिलीज हो रही हैं. वहीं देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत फिल्म मणिकर्णिका 25 जनवरी को और ठाकरे 23 जनवरी को रिलीज हो रही है. ये फिल्में चुनावी मुद्दों पर असर डाल सकती हैं, हालांकि, यह कहना मुश्किल है कि इनसे किस पार्टी को फायदा होगा.
एक विवादास्पद किताब को कैसे लेना है और उस पर किस तरह फिल्म बनाना है, ये आप विजय गुट्टे और अनुपम खेर से सीख सकते हैं. ये आपके लिए और भी ज्यादा फायदेमंद होगा, यदि ये दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के चुनावों से ठीक पहले रिलीज हों. फिल्म द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के मीडिया एडवाइजर रहे संजय बारू की किताब पर आधारित है.
इस फिल्म का ट्रेलर गुरुवार को रिलीज हुआ. फिल्म में ज्यादातर एक्टर गांधी-नेहरू परिवार के प्रमुख लोगों की भूमिका निभा रहे हैं, जबकि मनमोहन सिंह की भूमिका में अनुपम खेर हैं. 'इतिहास मेरे प्रति मीडिया से अधिक दयालु होगा' मनमोहन सिंह के इस कथन को बार-बार दिखाया गया है. ट्रेलर मनमोहन सिंह को एक एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर, एक हीरो, जो एक परिवार के लिए बहादुरी से लड़ा, और एक विलेन के रूप में दिखाती है.
He ruled the country... He wrote the book... trailer out today! In Cinemas 11th January 2019.🙏 @suzannenernert
— Anupam Kher (@AnupamPKher)
Ladies and Gentlemen!! Presenting the trailer of our highly anticipated film . 🙏👇
The Accidental Prime Minister | Official Trailer | Releasing January 11 ...
— Anupam Kher (@AnupamPKher)
द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर में अनुपम खेर, जो सत्ताधारी दल के प्रति अपनी निष्ठा के लिए जाने जाते हैं, मनमोहन सिंह के रंग-ढंग को सही तरह से पेश करते नजर आए हैं. इस तीन मिनट के ट्रेलर में अनुपम खेर और गुट्टे ने कई बार सोनिया, राहुल और प्रियंका को आड़े हाथों लिया है.Witness an inside story of the PM & the party, trailer out now
— The Accidental Prime Minister (@TAPMofficial)
ट्रेलर इस डायलॉग के साथ शुरू होता है- महाभारत में दो फैमिली थीं, इंडिया में तो एक ही है. फिल्म में अक्षय खन्ना ने संजय बारू का किरदार निभाया है. जिन कलाकारों ने गांधी परिवार के सदस्यों की भूमिका निभाई है, उनके डायलॉग आक्रामक कहे जा सकते हैं, ये उस एक आम आदमी के लिए भी आक्रामक है, जिसकी 2019 के रण में कोई भूमिका नहीं है.
एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर के एक दिन पहले फिल्म ठाकरे का ट्रेलर लॉन्च हुआ. ये एक और राजनेता की बायोपिक है. इसमें शिवसेना के संस्थापक राज ठाकरे की भूमिका नवाजुद्दीन सिद्दीकी निभा रहे हैं. ठाकरे के रोल में नवाजुद्दीन सिद्दीकी विरोधियों पर जोरदार प्रहार करते नजर आए. दूसरी ओर नीली पगड़ी और सफेद दाढ़ी में कठपुतली की तरह घूम रहे अनुपम खेर दर्शकों से यह कहने की कोशिश कर रहे हैं कि किस तरह 2004 से 2014 के बीच 'रूलिंग फैमिली' ने एक तरह का अत्याचार किया. भाजपा को विधानसभा चुनावों में भले ही तीन राज्यों में हार मिली हो, लेकिन 2019 का बिगुल अभी से बज गया है.
भाजपा को अपने घोषणा पत्र में कुछ नया शामिल करने की जरूरत है. बाबरी मस्जिद और राम मंदिर जैसे मुद्दे उसे राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में ज्यादा सीट्स नहीं दिला सके. अनुपम खेर ने एक ट्वीट में फिल्म का पोस्टर शेयर किया है, जिसमें अक्षय खन्ना संजय बारू के रोल में और अनुपम खेर मनमोहन सिंह के रोल में दिख रहे हैं. उन्होंने लिखा है- "वह जिसने राज किया और वह जिसने किताब लिखी." एजेंडा साफ है, समय भी बेहतर है.