आमिर खान की सुपरहिट फिल्म 'दंगल' की धाकड़ गर्ल जायरा वसीम का असल दंगल अब कश्मीर के कट्टरपंथियों के साथ शुरू हो चुका है. 16 साल की वो बच्ची जिसने दंगल फिल्म में गीता फोगाट के बचपन का किरदार निभाकर धूम मचा दी, लेकिन आज उसी बच्ची को अपनी सफलता पर माफी मांगनी पड़ी. अब नेता से लेकर अभिनेता तक जायरा के समर्थन में उतर चुके हैं और कट्टरपंथियों के खिलाफ दंगल छेड़ दिया है.
आमिर उतरे समर्थन में
दंगल के पर्दे पर जायरा जितनी बिंदास हैं, असल जिंदगी में उतनी ही रिजर्व और सिमटी हुई हैं. उनकी कामयाबी पर कश्मीर के अलगाववादियों की बौखलाहट जाहिर हुई तो ने खुद को खामोशी के दायरे में बांध लिया. जायरा भले चुप हों, लेकिन उनके समर्थन में पूरा देश उठ खड़ा हुआ है. फिल्मी पर्दे के हानिकारक बापू आमिर खान ने कश्मीर की बेटी को सलाम किया है. फिल्मी पर्दे की गीता का साथ देने के लिए असल जिंदगी की गीता और बबिता ने भी आवाज उठाई है. सोशल मीडिया पर जायरा वसीम जितनी तेजी से ट्रॉल हुईं, उतनी ही तेजी से उनके समर्थन में सोशल मीडिया में हलचल शुरू हो गई है. लेखक और गीतकार जावेद अख्तर ने लिखा कि जो लोग अपने लिए आजादी की मांग करते हैं वो दूसरों को जरा सी आजादी नहीं दे सकते. जायरा को अपनी कामयाबी के लिए माफी मांगनी पड़ी है. शर्मनाक है.
— Aamir Khan (@aamir_khan)
जायरा वसीम के लिए तकरीबन पूरा देश खड़ा है. हालांकि जायरा खुद बहुत संभल कर चल रही हैं. शायद उन्हें मालूम है कि फिलहाल उन्हें जहां रहना है, वो मायानगरी मुंबई नहीं बल्कि श्रीनगर है. जायरा को एक फिल्म से लोकप्रियता क्या मिली वो की आंखों में खटकने लगीं. महबूबा मुफ्ती से मिलने के बाद जायरा को माफी मांगनी पड़ी और कहना पड़ा कि वो युवा की रोल मॉडल नहीं हैं. हालत ये हो गई कि जायरा को सोशल मीडिया पर आकर माफी मांगनी पड़ी और कहना पड़ा कि घाटी के लोग उन्हें रोल मॉडल मानने की गलती न करें.
फेसबुक पर मांगी माफी
जायरा ने सोमवार को फेसबुक पर लिखा कि यह एक खुली माफी है. मैं जानती हूं कि बहुत से लोगों को मेरी हाल की गतिविधियों से नाराज हैं. कुछ लोगों के मिलने से कई लोग नाराज हैं. मैं उनसे माफी मांगती हूं. मैं कहना चाहती हूं कि मैं पिछले 6 महीनों में जो हुआ उसे समझती हूं. लोगों को याद होगा कि मैं सिर्फ 16 साल की हूं. मुझे लगता है कि आप मुझे वैसे ही समझेंगे. मैंने जो किया उसके लिए माफी मांगती हूं, मगर ये मैंने जानबूझकर नहीं किया.
जायरा ने कहा- मैं रोल मॉडल नहीं
जायरा ने आगे लिखा है- मुझे रोल मॉडल समझना उनकी बेइज्जती होगी और उनकी बेइज्जती हम सबकी बेइज्जती होगी. मैं यहां कोई बहस नहीं शुरू करना चाहती, मैं बस अपनी तरफ से कुछ कहना चाहती थी. अल्लाह करम फरमाए और हमें आगाह करे.
इस माफीनामे के बीच मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने विधानसभा में जायरा वसीम को कामयाबी की शाबाशी दी और उन्हें कश्मीर के लिए रोल मॉडल करार दिया. सब कुछ कांच की तरह साफ है कि जायरा किन्हें खटक रही है. कौन उस पर दबाव डाल रहा है. ये अलगाववादियों की सनक और घबराहट ही है जो कश्मीरी युवाओं को देश की मुख्यधारा से काटे रखना चाहती हैं. ऊपर से किसी लड़की का देश की मुख्यधारा से जुड़ना तो गुनाहेअजीम है.