70 साल की उम्र में बॉलीवुड एक्टर विनोद खन्ना का निधन हो गया. वे पिछले कई दिनों से
बीमार चल रहे थे. 70 के दशक से अपना करियर शुरू करने वाले विनोद खन्ना ने फिल्म इंडस्ट्री में बतौर विलेन कदम रखा था लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि उन्हें विलेन से हीरो किसने बनाया.
विनोद
खन्ना को विलेन से हीरो बनाने का श्रेय निर्देशक गुलजार को जाता है. उनकी फिल्म ‘मेरे
अपने’ से. इस फिल्म में विनोद खन्ना को मीना कुमारी के साथ काम करने का
मौका भी मिला. इस
सफल फिल्म के बाद विनोद खन्ना और निर्देशक गुलजार की जोड़ी ने साल 1973
में फिल्म 'अचानक' पेश की. यह फिल्म विनोद खन्ना की अब तक की सभी फिल्मों
में सबसे सफल फिल्म रही.
खबरों के मुताबिक विनोद खन्ना के पिता नहीं चाहते थे कि वे फिल्मों में काम करें. जब उन्हें पहली फिल्म का ऑफर मिला और उन्होंने यह बात अपने पिता को बताई तो वे बहुत नाराज हुए. पिता की नाराजगी इस हद तक थी कि उन्होंने विनोद खन्ना से साफ कह दिया था कि अगर वे फिल्मों में गए तो उन्हें गोली मार दी जाएगी.
बॉलीवुड के मोस्ट हैंडसम हीेरो के रूप में फेमस विनोद खन्ना ने अपने करियर की शुरुआत बतौर हीरो नहीं
विलेन की थी. उन्होंने 1968 में सुनील दत्त की फिल्म मन का मीत से फिल्मों
में कदम रखा.
आज उनके निधन पर उन्हें याद करते हुए गुलजार ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर उनकी ये तस्वीरें शेयर की. देखें फोटोज...