हरियाणवी म्यूजिक इंडस्ट्री का जाना-माना नाम मासूम शर्मा एक बार फिर सुर्खियों में हैं. वजह है हरियाणा सरकार और पुलिस की कार्रवाई, जिसमें गन कल्चर और बदमाशी को बढ़ावा देने के आरोप में 67 गानों को अलग-अलग डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से हटाया गया. इनमें मासूम शर्मा के 19 गाने भी शामिल थे. इसी फैसले के बाद सिंगर का गुस्सा खुलकर सामने आया और उन्होंने सरकार की नीति पर सवाल उठा दिए.
हरियाणा के गांव से म्यूजिक स्टार बनने तक का सफर
मासूम शर्मा का जन्म 27 मार्च 1991 को हरियाणा के जींद जिले के ब्राह्मणवास गांव में हुआ था. गांव की मिट्टी, देसी अंदाज और हरियाणवी बोली उनके गानों की पहचान बन गई. उन्होंने साल 2009 में म्यूजिक एल्बम ‘जलवा हरियाणा’ से अपने करियर की शुरुआत की. धीरे-धीरे उनके गाने युवाओं के बीच इतने पॉपुलर हो गए कि वह हरियाणवी म्यूजिक इंडस्ट्री के बड़े नामों में गिने जाने लगे. उनका असली नाम आर्य मासूम शर्मा है, लेकिन वो अपने दूसरे नाम मासूम शर्मा से फेमस हैं.
एक्टर नहीं बन पाए मासूम
मासूम शर्मा ने कई सुपरहिट गाने दिए, जिनमें ‘60 मुकदमे’, ‘ट्यूशन बदमाशी का’, ‘चंबल के डाकू’ जैसे गाने खास तौर पर चर्चा में रहे. इन गानों ने उन्हें जबरदस्त फैन फॉलोइंग दिलाई. उन्होंने सपना चौधरी जैसी बड़ी हरियाणवी कलाकारों के साथ भी काम किया और स्टेज शोज से लेकर यूट्यूब तक छा गए.
शुरू में वह अभिनेता बनना चाहते थे और इसके लिए मुंबई भी गए थे, लेकिन संगीत में सफलता ने उन्हें हरियाणवी इंडस्ट्री का सितारा बना दिया. बॉलीवुड में तब भले ही उन्हें मौका नहीं मिल पाया लेकिन सालों बाद उनका वो सपना पूरा हुआ. मासूम ने सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी फिल्म के लिए खेसारी लाल यादव के साथ पनवाड़ी गाना गाया.
उनकी कुल संपत्ति लगभग 50 करोड़ रुपये बताई जाती है.
गन कल्चर और बदमाशी पर बार-बार विवाद
हालांकि, जितनी तेजी से उनकी लोकप्रियता बढ़ी, उतनी ही तेजी से विवाद भी उनके साथ जुड़ते चले गए. उनके गानों पर अक्सर गन कल्चर, बदमाशी और अपराध को ग्लैमराइज करने के आरोप लगते रहे हैं. सरकार और पुलिस का मानना है कि ऐसे गाने युवाओं को गलत दिशा में ले जाते हैं.
हाल ही में हरियाणा पुलिस की STF और साइबर यूनिट की कार्रवाई में मासूम शर्मा के 19 गानों को यूट्यूब और अन्य प्लेटफॉर्म्स से हटा दिया गया. इसी पर सिंगर ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि अगर कुछ गलत है तो उसके लिए पूरे देश में एक जैसा कानून होना चाहिए, सिर्फ हरियाणा के कलाकारों को निशाना बनाना ठीक नहीं है.
सरकार पर फूटा गुस्सा
मासूम शर्मा ने साफ कहा कि गाने हटाने से अपराध नहीं रुकेंगे. उन्होंने यह भी तर्क दिया कि लोग सालों से दूसरे राज्यों के गन कल्चर वाले गाने सुनते आ रहे हैं, लेकिन अब सिर्फ हरियाणवी म्यूजिक को दबाने की कोशिश की जा रही है. उनका कहना है कि अगर हरियाणा के गाने बंद किए जाएंगे, तो ऑडियंस फिर दूसरे राज्यों के कंटेंट की ओर मुड़ जाएगी.
दूसरे विवाद भी आए सामने
गानों के अलावा मासूम शर्मा का नाम कुछ और विवादों से भी जुड़ा है. उन्हें जान से मारने की धमकी मिलने की खबरें सामने आ चुकी हैं. वहीं, कुछ मौकों पर फैंस के साथ बदसलूकी के आरोप भी उन पर लगे हैं. एक महिला ने उनपर और उनके परिवार मारपीट का आरोप भी लगाया था. हालांकि इन मामलों में उन्होंने खुद को गलत ठहराने से इनकार किया है.