हरियाणा में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. इससे पहले आजतक ने 'पंचायत आजतक' कार्यक्रम आयोजन किया. मशहूर भजन गायक कन्हैया मित्तल ने इवेंट में शिरकत की. उन्होंने सनातन धर्म, राम मंदिर और राजनीति में एंट्री को लेकर बात की. सिंगर ने अपने फेमस सॉन्ग 'जो राम को लाए हैं उनको लाएंगे, यूपी में फिर से भगवा लहराएंगे' कंट्रोवर्सी पर भी रिएक्ट किया.
वायरल सॉन्ग पर क्या कहा?
2022 में कन्हैया का सॉन्ग 'जो राम को लाए हैं उनको लाएंगे' गाना जबरदस्त फेमस हुआ था. इसकी जितनी तारीफ हुई, उतनी ही गाने पर कंट्रोवर्सी भी हुई थी. इस पूरे मामले पर कन्हैया ने कहा- मैंने सीएम योगी आदित्यनाथ के लिए गाना गाया था, किसी पार्टी के लिए नहीं गाया था. ये गाना बीजेपी के लिए मैंने नहीं बनाया था. मैंने बीजेपी से कोई पैसा नहीं लिया. मैंने कहा तुम अच्छे हो राम मंदिर बना दिया. बस और क्या किया चाहिए. देश के पीएम 75 साल की उम्र में भी काम कर रहे हैं. उन लोगों को शर्म आनी चाहिए जो उनके लिए उल्टा सीधा बोलते हैं.
वो गीत इतना फेमस होगा सोचा नहीं था. मैं नॉर्थ इंडिया में गाता था. लेकिन जब लोगों में चेतना देखी, मुझे रोते हुए लोग फोन करते थे, कहते हैं आपने सनातन को बल दिया है. कुछ लोग कहते हैं ये नफरत फैलाते हैं. ये गलत है. विदेश में लोग अपने धर्म को लेकर डंके पर चोट पर बात करते हैं. मेरी आस्था किसी पार्टी से जुड़ी हुई नहीं है. सनातनी वो है जो किसी को छोटा ना कहे, सारे धर्म बराबर हैं. जब जब हमें छोटा करने की कोशिश होगी, इतिहास के पन्ने खोलकर देखोगे तो पता चलेगा कौन बड़ा है.
राजनीति में एंट्री से किया मना
राजनीति में आने से फिलहाल कन्हैया मित्तल ने मना किया है. वो कहते हैं- मैं आने वाले समय में राजनीति में नहीं आऊंगा, लेकिन अगर कभी आए तो भविष्य तय करेगा. मालूम हो, पिछले दिनों सिंगर ने कांग्रेस में शामिल होने की इच्छा जताई थी. लेकिन जब संतों, राजनेताओं ने उन्हें समझाया कि उनका ये फैसला गलत है. बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं ने हस्तक्षेप किया तो कन्हैया ने अपने फैसले को बदला. फिलहाल उनका किसी पार्टी में जाने का मूड नहीं है. सिंगर का कहना है वो बस सनातन धर्म, राम के लिए काम करते हैं. जो पार्टी राम को सपोर्ट करेगी, वो उसके लिए गाएंगे, चाहे वो कांग्रेस हो या बीजेपी.