scorecardresearch
 

Mimi Review: काम ना आई कृति-पंकज की एक्टिंग, एआर रहमान के गानों ने दिखाए जज्बात

मिमी में एआर रहमान के गानों ने जादू भर दिया है. परम सुंदरी और रिहाई दे गाने ने मिमी के किरदार और उसकी भावनाओं को निखारा है. जहां परम सुंदरी गाने में मिमी के सपने की झलक दिखाई देती है तो वहीं रिहाई गाना मिमी की भावुकता को जाह‍िर करती है.

Mimi Review Mimi Review
स्टोरी हाइलाइट्स
  • कृति सेनन-पंकज त्रिपाठी की हिट केमिस्ट्री
  • सई-सुप्र‍िया ने किया कमाल का काम
  • कॉमेडी तो नहीं पर इमोशन की कमी
फिल्म:मिमी
2.5/5
  • कलाकार : कृति सेनन, पंकज त्रिपाठी, सई तम्हानकर, सुप्र‍िया पाठक, मनोज पाहवा
  • निर्देशक :लक्ष्मण उतेकर

कृति सेनन और पंकज त्रिपाठी की फिल्म म‍िमी के ट्रेलर ने फिल्म के लिए एक्साइटमेंट भर दी थी. लगा था कि इमोशन और कॉमेडी दोनों का अच्छा कॉम्ब‍िनेशन मिलेगा. समय से चार दिन पहले मिमी के निर्माताओं ने दर्शकों के इस एक्साइटमेंट को तो खत्म कर दिया लेक‍िन फिल्म की कहानी ऑड‍ियंस की उम्मीदों पर खरा उतर पाई या नहीं, इसके लिए पढ़ें रिव्यू. 

कहानी

डायरेक्टर लक्ष्मण उतेकर ने इस फिल्म के लिए सरोगेसी जैसी संजीदा और टैबू माने जाने वाले टॉप‍िक को चुना है. मिमी (कृति सेनन) एक डांसर है और वह बॉलीवुड में जाने के सपने देखती है, लेक‍िन उसके पास उतने पैसे नहीं है. दूसरी ओर एक अमरीकी कपल एक सरोगेट मदर की तलाश कर रहा है. उस अमरीकी कपल की मुलाकात भानु (पंकज त्रिपाठी) से होती है जो उन्हें मिमी से मिलवाता है. भानु मिमी को पूरी प्रक्रिया समझाता है और बदले में 20 लाख रुपये मिलने की बात बताता है.

मिमी अपने बॉलीवुड जाने के सपने को पूरा करने के लिए सरोगेट मदर बनने को राजी हो जाती है. लेक‍िन वह घरवालों को बिना बताए नौ महीने कोख में बच्चे को कैसे पालेगी. यहां उसका साथ देती है शमा (सई तम्हानकर). शमा और भानु, मिमी की प्रेग्नेंसी के हर मोड़ पर उसका साथ देते हैं. अचानक एक दिन डॉक्टर बताती हैं कि मिमी की कोख में पल रहा बच्चा डाउन सिंड्रोम से ग्रस‍ित है. यह सुन अमरीकी कपल बच्चा लेने से मना कर देता है. 

मिमी को जब इस बात का पता चलता है तो उसके पैरों तले जमीन ख‍िसक जाती है. बौखलाई मिमी अपने घर वापस जाती है जहां उसकी मां (सुप्र‍िया पाठक) और प‍िता (मनोज पाहवा) मिमी को प्रेग्नेंट देख चौंक जाते हैं. खैर, घरवाले उसे अपना लेते हैं और फिर मिमी के बच्चा जनने तक उसका पूरा साथ देते हैं. आगे चलकर वह अमरीकी कपल बच्चे को लेने वापस आते हैं, पर मिमी उन्हें अपना बच्चा देगी या नहीं, ये जानने के लिए फिल्म देखनी होगी. 

Grahan Review: 84 का दिल दहला देने वाला दंगा और मनु-ऋषि की प्रेम कहानी

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

A post shared by Kriti (@kritisanon)

इमोशंंस की कमी  

जमीनी तौर पर सोचें तो किसी भी लड़की के लिए सरोगेट मदर बनना आसान फैसला नहीं होता, लेक‍िन मिमी इस बात के लिए आसानी से मान जाती है. उसकी प्रेग्नेंसी फेज, समाज का विरोध, बच्चे के साथ मां का जुड़ाव, ये सब बड़ी ही जल्दबाजी में बिना उसके इमोशंस दिखाए पार कर दिए गए हैं. फिल्म में कई जगह लगा कि कॉमेडी की धुन बेवजह बजाई जा रही है. हालांकि पंकज त्रिपाठी की कॉम‍िक टाइमिंग बिल्कुल सही रही है. पर फिर भी फिल्म के एक सेंसि‍ट‍िव और इमोशनल सीन में भी कॉमेडी की कोश‍िश नजर आई. या यूं कहें कि डायरेक्टर लक्ष्मण उतेकर ने अपनी सहज और सरल डायरेक्शन के चक्कर में मिमी से इमोशन को गायब कर दिया. 

सई और सुप्र‍िया का काम भारी 
 
कृति सेनन के काम पर कोई शक नहीं किया जा सकता. कृति ने अपने किरदार में शानदार काम किया है. पंकज त्रिपाठी के अंदाज से तो हर कोई वाक‍िफ है. इंटेंस हो या कॉमिक सीन, पंकज ने हर सीन पर अपनी पकड़ रखी और दिल जीत लिया. फिल्म में सई तम्हानकर ने काबिले तारीफ काम किया है. उनकी मौजूदगी फिल्म का प्लस प्वॉइन्ट लगी. वहीं मनोज पाहवा और सुप्र‍िया पाठक के अभ‍िनय की भी दाद देनी पड़ेगी. हालांकि सुप्र‍िया की एक्ट‍िंग दूसरे सपोर्ट‍िंग कैरेक्टर्स पर भारी नजर आई. 

Sarpatta Parambarai Review: एक बॉक्सर के संघर्ष, गैंगवॉर और इमरजेंसी के ‘काले सच’ की कहानी!

एआर रहमान के गाने ने छू लिया दिल 

मिमी में एआर रहमान के गानों ने जादू भर दिया है. परम सुंदरी और रिहाई दे गाने ने मिमी के किरदार और उसकी भावनाओं को निखारा है. जहां परम सुंदरी गाने में मिमी के सपने की झलक दिखाई देती है तो वहीं रिहाई गाना मिमी की भावुकता को जाह‍िर करती है. फिल्म के सीन्स ने जो काम नहीं किया वो एआर रहमान के गाने ने कर दिखाया.  

जल्दबाजी के चक्कर में काम हुआ खराब 

कुल मिलाकर कहा जाए तो मिमी के लिए जितनी उत्सुकता ट्रेलर देखने के बाद हुई, वह फिल्म देखकर नहीं हुई. मिमी की कहानी सरोगेसी पर मैसेज जरूर देती है पर इसे पर्दे पर शायद और बेहतर तरीके से ढाला जा सकता था. फिल्म में सब्जेक्ट की गंभीरता की कमी नजर आई. जैसा कि मिमी के बारे में कहा गया था कि यह एक कॉमेडी ड्रामा है तो फिल्म देख लगता है कि नहीं ये एक इमोशनल ड्रामा थी जिसमें जल्दबाजी के चक्कर में दोनों काम खराब कर दिए. 

 

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें