बतौर डायरेक्टर जपिन्दर कौर की 'दिल्लीवाली जालिम गर्लफ्रेंड' पहली फिल्म है. दुबई में रहने वाली जपिन्दर एक डायरेक्टर, प्रोड्यूसर, राइटर के साथ-साथ एक पेंटर भी हैं. अब उनकी बनाई हुई यह फिल्म कैसी है आइए एक नजर डाल लेते हैं.
नाम के मुताबिक ही दिल्ली की पृष्ठभूमि पर आधारित है 'दिल्लीवाली जालिम गर्लफ्रेंड' कहानी है. यह कहानी है ध्रुव शेरावत (दिवेन्दु शर्मा) की जो तैयारी तो कर रहा है सिविल परीक्षाओं की लेकिन पहली नजर में दिल दे बैठता है साक्षी (प्राची मिश्रा) को, जो एक लोन देने वाली कंपनी में काम करती है. प्यार में पड़ा ध्रुव अपने दोस्त हैप्पी (प्रद्युम्न सिंह) के साथ मिलकर साक्षी की ही कंपनी से कार लोन लेता है और नई गाड़ी के साथ प्राची को खुश करना चाहता है लेकिन कुछ ऐसी घटनाएं घटती हैं जिसके कारण उसकी गाड़ी की चोरी हो जाती है और बाद में पता चलता है की गाड़ी चोरी करने वाला एक बड़ा गिरोह है जिसका सरगना है मिनोचा (जैकी श्रॉफ) और अब इस गिरोह को सबक सीखाने का काम ध्रुव और हैप्पी अपनी पत्रकार दोस्त निम्मी (इरा दुबे) के साथ करते हैं.
फिल्म की स्क्रिप्ट बहुत ही कमजोर है लगता है सिर्फ गानो को ध्यान में रखा गया है पहले 56 मिनट के भीतर कम से कम 5 गाने आपको स्क्रीन पर देखने को मिल जाते हैं. फिल्म के टाइटल को देखकर तो लगता है की सच में बहुत सारे दुख मिले होंगे एक ब्यॉयफ्रेंड को लेकिन उसके चेहरे पर दुख का एहसास बिल्कुल नहीं झलकता है. फिल्म का सफल एक्टर प्रद्युम्न है जिसने अपने किरदार को बखूबी निभाया है बाकी कोई भी किरदार आपको एंटरटेन नहीं करता. एक्टर जैकी श्रॉफ जिन्हे पंजाबी क्रिमिनल का किरदार मिला है लेकिन जग्गू दादा को सच में यह किरदार नहीं करना चाहिए था, बहुत ही जबरदस्ती वाला अभिनय नजर आ रहा है उनका.
डायरेक्टर जपिन्दर ने कई मशहूर सिंगर्स को इक्ट्ठा भी किया है जैसे यो यो हनी सिंह , जैजी बी, डॉ ज्यूस, मिस पूजा, इंदीप बक्शी लेकिन शायद वो भूल गए की बहुत सारा काम स्क्रिप्ट लेवल पर भी जरूरी होता है, जो नहीं हो पाया. बेहतर है आप इन गानो को रेडियो या अपने घर पर सुन लें और वीकेंड पर कहीं और चले जाएं. यह फिल्म आपके भरोसे पर खरी नहीं उतरेगी.