बॉलीवुड को अक्सर ही नेपोटिज्म के टॉपिक पर टारगेट किया जाता है. अक्सर कहा जाता है कि स्टार किड्स की वजह से बाकि एक्टर्स को मौका नहीं मिलता है. इनसाइडर-आउटसाइडर की बहस अभी भी हिंदी सिनेमा को परेशान कर रही है. अब इस मुद्दे पर जोया अख्तर ने अपना रिएक्शन दिया है.
गौरतलब है कि फिल्म नादानियां से लेकर जोया अख्तर की 'द आर्चीज' तक, जिससे अगस्त्य नंदा, सुहाना खान और खुशी कपूर ने डेब्यू किया था. इसे सोशल मीडिया पर आलोचना झेलनी पड़ी थी. जिसमें कई लोगों ने सवाल उठाया कि क्या एक्सेस और मौके अभी भी फिल्मी परिवारों के पक्ष में झुके हुए हैं. अब जोया अख्तर ने एक बार फिर इस बहस पर बात की है और बताया है कि इंडस्ट्री असल में कैसे काम करती है.
नेपोटिज्म पर बोलीं जोया अख्तर
द स्वैडल के एक पॉडकास्ट क्लिप में जो बाद में रेडिट पर वायरल हो गया. जोया ने उसी फ्रेमवर्क को चुनौती दी जिसके जरिए अक्सर नेपोटिज्म पर चर्चा की जाती है. उन्होंने कहा, 'सबसे पहले हमें इंडस्ट्री को एक कमरे की तरह देखना बंद करना होगा, जहां आप या तो अंदर हैं या बाहर. इंडस्ट्री एक इंफ्रास्ट्रक्चर है. कोई भी वह कर सकता है जो वह चाहता है. कोई भी फिल्म बना सकता है. आप यहां आ सकते हैं, आप जो चाहें कर सकते हैं.'
उन्होंने कहा, 'देखिए, बात यह है कि बहुत से लोग शिकायत करते हैं कि वे इंडस्ट्री में नहीं हैं. लेकिन वे असल में इसलिए शिकायत कर रहे हैं क्योंकि वे धर्मा की फिल्म में नहीं हैं. आप समझते हैं? यह इंडस्ट्री में न होने की बात नहीं है. आप एक्टिंग करना चाहते हैं? आप एक्टिंग कर सकते हैं और अगर आप एक्टिंग कर रहे हैं, तो आप इंडस्ट्री में हैं.'
डायरेक्टर ने आगे कहा, 'अगर आप असल में स्टैटिस्टिक्स देखें, तो हर साल ज्यादातर स्टार्स वे लोग बनते हैं जो मुंबई के बाहर से आते हैं और इंडस्ट्री के बाहर से ऐसा कह सकते हैं. वे इंडस्ट्री में पैदा नहीं हुए थे, है ना? वे ऐसे किसी के घर पैदा नहीं हुए थे जो पहले से यहां काम कर रहा हो.'
उन्होंने इस बात को समझाने के लिए अपनी खुद की यात्रा का भी उदाहरण दिया. एक जाने-माने फिल्मी परिवार में पैदा होने के बावजूद जोया ने बताया कि उनकी पहली डायरेक्टोरियल फिल्म को बनने में लगभग सात साल लग गए. इसके उलट उनकी लंबे समय की सहयोगी और बिजनेस पार्टनर रीमा कागती ने अपनी पहली फिल्म उनसे पहले बनाई थी.
द आर्चीज पर जोया ने क्या कहा?
जोया ने 'द आर्चीज' के बैकलैश और ऑनलाइन ट्रोलिंग पर कोमल नाहटा के पॉडकास्ट गेम चेंजर्स पर बात करते हुए कहा, 'मुझे यह अच्छा नहीं लगा कि उन्हें लगभग बुली किया जा रहा था. यह अच्छा नहीं था, यह सब मेरी जिम्मेदारी थी, इसलिए मुझे बुरा लगा. वे सभी बहुत टैलेंटेड हैं और मुझे उनके साथ फिर से काम करना अच्छा लगेगा. मुझे इस बात का बहुत बुरा लगा कि वे नए थे.'