रिलीज के पहले मेकर्स अपनी फिल्मों को लोगों तक पहुंचाने में हर तरह की स्ट्रैटेजी अख्तियार करते रहे हैं. प्रमोशन, ब्रान्डिंग, इंटरव्यूज, सोशल मीडिया अपटेड से बज क्रिएट करने के साथ-साथ टिकट की एडवांस बुकिंग का भी काफी बड़ा योगदान रहा है.
फिल्मों की प्री-बुकिंग टिकट एक ऐसा रास्ता रहा है, जिससे रिलीज के पहले ही मेकर्स को फिल्म के नफा-नुकसान का अंदाजा लग जाता है. एडवांस टिकट बुकिंग की अपनी एक हिस्ट्री रही है. पहले जहां लोग अपने फेवरेट स्टार्स की फिल्म का लुत्फ उठाने के लिए थिएटर की लाइनों में घंटों लगे रहते थे, तो वहीं अब डिजीटिलाइजेशन के बाद अब बस टिकट बुकिंग ऐप का इस्तेमाल कर पहले ही अपनी सीट सुनिश्चित कर लेते हैं.
कोरोना काल की वजह से जहां फिल्मों के बिजनेस पर बुरा प्रभाव पड़ा है, तो वहीं इससे एडवांस टिकट बुकिंग पर भी असर साफ नजर आ रहा है. अमूमन जब किसी बड़ी स्टार या कह लें बिग बजट फिल्में आती थी, तो रिलीज के पहले ही कई टिकटें फर्स्ट डे की टिकटें सोल्ड आउट हो जाया करती थीं लेकिन पिछली कुछ रिलीज हुई फिल्में शमशेरा, पृथ्वीराज चौहान, जयश भाई जोरदार बड़े स्टार्स और भव्य होने के बावजूद एडवांस बुकिंग के दौरान अपना मैजिक क्रिएट करने में नाकामयाब रहीं. जिससे बॉक्स ऑफिस बिजनेस को भी गहरा सदमा लगा था. हालांकि मोस्ट अवेटेड फिल्म ब्रह्मास्त्र को लेकर तेजी से हो रही एडवांस बुकिंग ने राहत दी है. स्टैटिस्टिक्स देखें, तो ट्रेडर्स अनुमान लगा रहे हैं कि फिल्म ने एडवांस बुकिंग के जरिए 22 करोड़ से भी ज्यादा का बिजनेस कर लिया है.
फिल्म की सक्सेस पर टिकी हैं बॉलीवुड की निगाहें
ट्रेड एनालिस्ट तरण आदर्श कहते हैं, ब्रह्मास्त्र फिल्म की एडवांस बुकिंग सिनेमा लवर्स के लिए खुशखबरी लेकर आया है. पिछले कुछ हफ्ते से हम देख रहे थे कि फिल्मों की ओपनिंग नहीं लग रही थी, एडवांस तो दूर की बात है. रिलीज के बाद हाऊसफुल तो दूर ऑडियंस की झलक देखने के लिए मल्टीप्लेक्स की आंखे तरस जाती थी. ऐसे माहौल में ब्रह्मास्त्र रिलीज हो रही है और एडवांस बुकिंग जिस तेजी से हो रहे हैं, वो वाकिई काबिल ऐ तारीफ है. पोस्ट पैंडमिक की बात करें, तो ब्रह्मास्त्र की एडवांस बुकिंग बहुत आगे है. यह बहुत पॉजिटिव संकेत है. हालांकि अब प्रेशर है कि मेकर्स को कंटेंट पर डिलीवर करना होगा. क्योंकि फैंस ने तो अपनी उत्सुकता जाहिर कर दी है. ये तो लाइगर, शमशेरा, लाल सिंह चड्ढा, रक्षाबंधन, सम्राट पृथ्वीराज चौहान, जर्सी से बहुत आगे है. पीवीआर का ऑफिसियल स्टेटमेंट देखें, तो वीकेंड पर ही उन्होंने एक लाख से ज्यादा टिकट की एडवांस बुकिंग कर ली है. ब्रह्मास्त्र का चलना और बड़ा प्रॉफिट करना बहुत जरूरी है क्योंकि इस पर कहीं न कहीं इंडस्ट्री की आंखे टिकी हुई हैं. एडवांस बुकिंग दर्शकों के एक्साइटमेंट का अंदाजा लग जाता है. कह सकते हैं कि इस फिल्म पर बॉलीवुड का दारोमदार है.
एडवांस बुकिंग से मिली है राहत
प्रोड्यूसर एंड फिल्म बिजनेस एक्सपर्ट गिरीश जौहर एडवांस बुकिंग पर कहते हैं, फिल्मों में एडवांस टिकट बुकिंग का काफी ओल्ड ट्रेडिशन रहा है. इंडिया में ही नहीं ओवरसीज भी फिल्मों की एडवांस बुकिंग होती रही है. पहले के समय में जब प्रिंट्स के ऊपर फिल्म रिलीज होती थी, तो सिनेमा में एक हफ्ता या दो हफ्ता पहले पोस्टर लग जाता था. शोले, जय संतोषी जैसी फिल्मों में एडवांस बुकिंग ने छोटे लेवल पर फिल्म को फायदा दिया है. इससे फिल्म का क्रेज व बज का अंदाजा लगता है. अमिताभ, राजेश खन्ना, धर्मेंद्र जैसे सुपरस्टार्स के फिल्मों की एडवांस बुकिंग दस दिन पहले हो जाया करती थीं. आज के समय में यह बहुत ही रेलिवेंट हो चुका है. अब तो डिजिटाइजेशन की वजह से लोग फोन पर ही यह सुविधा पा लेते हैं. डॉक्टर स्ट्रेंज फिल्म की एडवांस बुकिंग एक महीने पहले ही खोल दी गई थी. एडवांस बुकिंग का कॉन्सेप्ट इसलिए अच्छा है कि इससे फिल्म का बेव का पता चलता है. ब्रह्मास्त्र की एडवांस बुकिंग एक पॉजिटिव मोड़ लेकर आ सकती है.
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पैंडेमिक के बाद आरआरआर और केजीएफ 2, भूल-भूलैया2, की एडवांस बुकिंग जबरदस्त रही थी. इससे पहले बाहुबली 2 की भी एडवांस बुकिंग ने रेकॉर्ड तोड़े थे. एडवांस बुकिंग की डायनैमिक को समझाते हुए गिरीश कहते हैं, इसके भी कई मापदंड होते हैं. फिल्म हॉलीडे या नॉन हॉलीडे रिलीज है. ब्रह्मास्त्र को देखा जाए, तो ये नॉन हॉलीडे रिलीज की कैटेगरी पर आती है. अगर एडवांस बुकिंग इसकी और बेहतर होती है, तो ये जवानी है दिवानी और संजू के बाद रणबीर की यह तीसरी फिल्म होगी, जिसने एडवांस में ही अच्छा बिजनेस किया है.
गिरीश आगे कहते हैं, एडवांस बुकिंग का फायदा एक्जीबिटर्स को होता है. उनके पास मल्टीपल्स स्क्रीन्स होते हैं, इससे उन्हें स्क्रीन्स की स्लॉटिन्ग का अंदाजा लग जाता है. बुकिंग अच्छी है, तो उन्हें पता चल जाता है कि शाम को ज्यादा देखने आ रहे हैं, तो वो शाम का शो दूसरे स्क्रीन्स पर बढ़ा देते हैं. ओवरऑल उन्हें बुकिंग का ट्रेंड पता चल जाता है कि क्रेज अच्छा है. सैटेरडे और संडे की एडवांस बुकिंग को ज्यादा तवज्जों दी जाती है इससे फिल्म की सक्सेस का पूरा अंदाजा लग जाता है. इस दौरान फैमिली ऑडियंस का फुटफॉल ज्यादा हो जाता है.