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फ्लॉप हुई प्रभास की 400 करोड़ी 'द राजा साब'! डायरेक्टर ने ऑडियन्स पर मढ़ा दोष, बोले- त्योहार के मूड...

पोंगल पर रिलीज हुई प्रभास की फिल्म द राजा साब दर्शकों को समझ नहीं आ पाई, इसे फ्लॉप करार दिए जाने पर डायरेक्टर मारुति ने आपत्ति जताई और इसका जिम्मेदार ऑडियंस को ठहराया. मारुति के बयान के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें ट्रोल किया जाने लगा.

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क्यों फ्लॉप हुई द राजा साब? (Photo: screengrab)
क्यों फ्लॉप हुई द राजा साब? (Photo: screengrab)

द राजा साब को पोंगल पर रिलीज होने वाली साल की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक माना जा रहा था. बाहुबली स्टार प्रभास की यह पहली हॉरर फिल्म थी, इसलिए फैंस उन्हें एक नए अवतार में देखने के लिए काफी उत्साहित थे. लेकिन फिल्म रिलीज होने के बाद कई दर्शक निराश हो गए और कुछ को तो ठगा हुआ भी महसूस हुआ.

कुछ लोगों ने फिल्म में बार-बार बॉडी डबल के इस्तेमाल पर सवाल उठाए, वो भी ऐसे सीन में जहां इसकी जरूरत नहीं थी. वहीं कई दर्शकों का कहना था कि फिल्म की कहानी कमजोर है और अनजाने में कॉमेडी जैसी लगती है, जो फैंस की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी. अब फिल्म के निर्देशक मारुति ने कहा है कि दर्शक फिल्म की असली गहराई को समझ ही नहीं पाए, इसी वजह से फिल्म को ठंडा रिस्पॉन्स मिला.

राजा साब को फ्लॉप मत कहो!

फिल्म की रिलीज के दूसरे दिन हुए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ‘फ्लॉप’ शब्द पर बात करने के बाद मारुति ने एक नोट शेयर किया. उन्होंने लिखा कि दर्शकों ने फिल्म को 'फेस्टिव माहौल' में देखा, जिसकी वजह से वे इसकी परतदार कहानी से जुड़ नहीं पाए.

उन्होंने कहा- दर्शक किसी फिल्म को करीब तीन घंटे देखते हैं, लेकिन उसके पीछे लगभग तीन साल की मेहनत, तनाव, सीख और रचनात्मक संघर्ष होता है. जब इतनी मेहनत को आसानी से मजाक में उड़ा दिया जाता है, तो दर्द जरूर होता है, भले ही हम चुप रहें.

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ऑनलाइन ट्रोलिंग पर रिएक्ट करते हुए मारुति ने कहा कि- एक वक्त ऐसा आता है जब दूसरों का मजाक उड़ाने वाले लोग खुद अपनी जिंदगी में उलझनों और मुश्किलों का सामना करते हैं, और उन्हें यह भी समझ नहीं आता कि यह उनके पुराने कर्मों का नतीजा है. उन्होंने कहा- यह न तो कोई बद्दुआ है और न ही धमकी, यह बस जिंदगी का तरीका है.

फिल्म का बचाव करते हुए मारुति ने कहा- दर्शकों ने द राजा साब को त्योहार के मूड में हल्के-फुल्के मनोरंजन की उम्मीद के साथ देखा. शायद इसी वजह से वो कहानी की गहराई से जुड़ नहीं पाए. समय के साथ सब साफ होता है और सच्ची मेहनत को देर से ही सही, उसकी जगह जरूर मिलती है.

फीलिंग्स बयां कर ट्रोल हुए मारुति

हालांकि, मारुति के इन बयानों के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें जमकर आलोचना का सामना करना पड़ा. एक रेडिट यूजर ने लिखा- पहले आप फिल्म त्योहार पर रिलीज करते हैं ताकि कमाई ज्यादा हो, और जब फिल्म नहीं चलती तो दर्शकों को दोष देते हैं कि वे त्योहार के मूड में थे. गजब का लॉजिक है. किसी और ने लिखा- समस्या मैं नहीं, बाकी सब हैं- ये सोच. इतना बड़ा बजट और प्रभास होने के बावजूद खराब फिल्म बना दी.

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कई लोगों ने प्रभास के फिल्म चुनने के फैसलों पर भी सवाल उठाए. एक पोस्ट में लिखा था- त्योहार पर फिल्म रिलीज करो, और जब न चले तो दर्शकों को दोष दो. बेवकूफी भरा बहाना. क्या प्रभास को स्क्रिप्ट चुनने की समझ नहीं है?

राजा साब फिल्म ने पहले पांच दिनों में भारत में करीब 120 करोड़ रुपये नेट की कमाई की, जिसमें से 63 करोड़ रुपये सिर्फ पहले दिन आए थे. लेकिन इसके बाद कलेक्शन में तेज गिरावट देखने को मिली.

करीब 400 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म से बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाने की उम्मीद थी. लेकिन कमजोर प्रदर्शन की वजह से इसके कई शोज हटाकर चिरंजीवी, रवि तेजा और नवीन पोलिशेट्टी की फिल्मों को जगह दे दी गई- हालांकि खबरों के मुताबिक, वो फिल्में भी बॉक्स ऑफिस पर खास कमाल नहीं दिखा पा रही हैं.

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