अमेजन प्राइम पर आई वेब सीरीज तांडव को लेकर हंगाामा जारी है. इस बीच सोमवार को तांडव को लेकर देश के कई हिस्सों में ना सिर्फ प्रदर्शन हुए बल्कि सरकार में भी हरकत में दिखी. सूचना व प्रसारण मंत्रालय में एक बैठक हुई जिसके बाद तांडव के मेकर्स को इस संबंध में निर्देश दिए गए. इस बीच, सोमवार की शाम वेब के कास्ट एंड क्रू की तरफ से माफी मांगते हुए बयान जारी किया गया. बता दें कि वेब सीरीज पर हिंदू भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया गया है.
इसी बीच बीजेपी नेता कपिल मिश्रा ने ट्वीट कर तांडव को हटाने पर जोर दिया. उन्होंने लिखा- 'अली अब्बास जफर जी- कभी अपने मजहब पर मूवी बनाकर माफी मांगिए. सारी अभिव्यक्ति की आज़ादी हमारे ही धर्म के साथ क्यों? कभी अपने एकमात्र ईष्ट का भद्दा मजाक उड़ाकर भी शर्मिंदा होइए. आपके अपराधों का हिसाब भारत का कानून करेगा. जहरीला कंटेट वापस लीजिए, तांडव को हटाना ही पड़ेगा.'
कंगना रनौत ने ट्वीट कर अली अब्बास जफर से किए सवाल
कपिल मिश्रा के ट्वीट को शएयर करते हुए कंगना ने लिखा- ''माफ़ी मांगने के लिए बचेगा कहां? ये तो सीधा गला काट देते हैं, जिहादी देश फ़तवा निकाल देते हैं, लिब्रु मीडिया वर्चुअल लिंचिंग कर देती है, तुम्हें ना सिर्फ़ जान से मार दिया जाएगा बल्कि उस मौत को भी जस्टिफ़ाई किया जाएगा, बोलो @aliabbaszafar है हिम्मत अल्लाह का मज़ाक़ उड़ाने की?''
माफ़ी माँगने केलिये बचेगा कहाँ? ये तो सीधा गला काट देते हैं, जिहादी देश फ़तवा निकाल देते हैं लिब्रु मीडिया वर्चूअल लिंचिंग कर देती है, तुम्हें ना सिर्फ़ जान से मार दिया जाएगा बल्कि उस मौत को भी जस्टिफ़ाई किया जाएगा, बोलो है हिम्मत अल्लाह का मज़ाक़ उड़ाने की ?
— Kangana Ranaut (@KanganaTeam)
ग़द्दारी और वफ़ादारी ख़ून में भी होती है, glad I come from a bloodline of warriors who fought for the integrity of akhand Bharat..... even if I wasn’t a Hindu I would have chosen to be a nationalist. हम वो नहीं जो अपनी ही थाली में छेद करें, जय हिंद ।
— Kangana Ranaut (@KanganaTeam)
बता दें कि एक्ट्रेस कंगना कनौत हर मुद्दे पर बेबाकी से अपनी राय रखती हैं. इससे पहले भी वो इस मुद्दे पर कई ट्वीट कर चुकी हैं. एक ट्वीट में उन्होंने लिखा था- ग़द्दारी और वफ़ादारी ख़ून में भी होती है, मुझे खुशी है कि मैं अंदर उन योद्धाओं का खून है जो अखंड भारत की अखंडता के लिए लड़े थे. अगर मैं हिंदू न होती तो भी मैं राष्ट्रवादी होना ही चुनती. हम वो नहीं जो अपनी ही थाली में छेद करें, जय हिंद.