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सलमान-संजय नहीं ऋषि कपूर-प्रोसेनजीत को मिली थी साजन, जानिए क्यों की रिजेक्ट

रीइनवेंशन के मास्टर कहे जाने वाले प्रोसेनजीत ने फिल्मों के रिजेक्शन से लेकर नेताजी सुभाष चंद्र बोस का किरदार निभाने तक हर चीज के बारे में बात की.

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साजन का पोस्टर, प्रोसेनजीत और ऋषि कपूर
साजन का पोस्टर, प्रोसेनजीत और ऋषि कपूर

बंगाली सुपरस्टार प्रोसेनजीत चटर्जी ने खुलासा किया है कि वास्तव में ऋषि कपूर और उन्हें फिल्म साजन के लिए कास्ट किया गया था. इंडिया टुडे कॉनक्लेव ईस्ट 2021 में बातचीत के दौरान उन्होंने ये खुलासा किया कि वह और ऋषि कपूर के लिए पहली चॉइज थे. रीइनवेंशन के मास्टर कहे जाने वाले प्रोसेनजीत ने फिल्मों के रिजेक्शन से लेकर नेताजी सुभाष चंद्र बोस का किरदार निभाने तक हर चीज के बारे में बात की.

संजय दत्त से पहले प्रोसेनजीत को मिली थी साजन

फिल्मों के रिजेक्शन के बारे में प्रोसेनजीत ने बताया कि उन्हें मैंने प्यार किया और साजन जैसी फिल्में ऑफर की गई थीं. उन्होंने कहा, "मैंने बहुत सी फिल्में रिजेक्ट की हैं और लोग इस बारे में नहीं जानते हैं. मैं तब एक स्ट्रगलर था. मेरी फिल्म अमर संगी 75 हफ्तों तक सिनेमाघरों में चली. मैंने प्यार किया के मेकर्स ने वो फिल्म देखी और करीब 135 एक्टर थे जो उस रोल के लिए ट्राय कर रहे थे."

प्रोसेनजीत ने कहा कि मैंने प्यार किया को शूट करने के लिए मुझे एक साल तक मुंबई में रहना पड़ता. मैंने तभी बांग्ला में एक सुपरहिट फिल्म दी थी इसलिए मैं इस फैसले को लेकर कनफ्यूज था. उन्होंने बताया, "मुझे साजन भी ऑफर की गई थी लेकिन तब मैं बांग्ला फिल्मों को लेकर कमिटेड था. साजन में मुझे संजय दत्त के रोल के किए कास्ट किया जाना था और ऋषि कपूर को सलमान खान का रोल करना था."

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सुपरस्टार ने कहा कि उन्हें इन रोल्स को ठुकराए जाने का पछतावा नहीं है क्योंकि बॉलीवुड का मतलब भारतीय फिल्में नहीं है. वैश्विक स्तर पर मुझे बंगाली फिल्में करने के लिए जाना जाता है. मुझे खुशी होती है कि कहीं न कहीं मुझे पहचान मिली है. फिल्म गुमनामी में आइकॉनिक रोल करने के बारे में प्रोसेनजीत ने कहा, "मेरे लिए ये एक शॉक की बात थी क्योंकि उनकी फिल्म मुझे उन्हीं के परिवार ने ऑफर की थी."

उन्होंने कहा, "मैं श्रीजीत मुखर्जी और मेकअप टीम का शुक्रगुजार हूं जिनके चलते मैं 8-9 महीने तक नेताजी का किरदार कर सका. ये मेरे लिए एक अचीवमेंट था. जब मुझे ये बायोपिक ऑफर हुई तो मुझे लगा कि मैं नेताजी जैसा नहीं दिखता हूं, हालांकि श्रीजीत इस बारे में बहुत कॉन्फिडेंट थे. ये एक वास्तविक फिल्म थी और मैं इसे लेकर बहुत ज्यादा खुश था. बहुत कम लोग हैं जो राजनीतिक छवि से ऊपर उठे हैं. उन्हें एक इंसान से बहुत बढ़कर देखा जाता है. नेताजी वो शख्स थे."

 

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