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700 रुपये लेकर घर से निकले थे मनोज मुंतशिर, ऐसा रहा अमेठी से मुंबई तक का सफर

मनोज ने अपने पिता से कहा था- 300 रुपये चाहिए, मुंबई की ट्रेन का टिकट लेना है और राइटर बनने के अपने सपने को पूरा करना है. उन्होंने मुझे 700 रुपये दिए, वो इस चीज को लेकर श्योर थे कि मैं फेल हो जाऊंगा और वापस आना चाहूंगा. अब मुंबई मेरा घर है.

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मनोज मुंतशिर
मनोज मुंतशिर
स्टोरी हाइलाइट्स
  • कविता को लेकर ट्रोल हो रहे मनोज
  • मनोज ने ट्रोलिंग को लेकर किया ट्वीट
  • काफी समय से चर्चा में हैं मनोज

बॉलीवुड के पॉपुलर गीतकार मनोज मुंतशिर अपनी एक कविता 'मुझे कॉल करना' को लेकर ट्रोल हो रहे हैं. मनोज पर आरोप हैं कि उन्होंने रॉबर्ट जे लेवरी की बुक Love lost: Love found (2007) की कविता कॉल मी का हिंदी अनुवाद कर अपनी किताब में 'मेरी फितरत है मस्ताना' में छापा है. मनोज ने इस मसले पर ट्वीट कर लिखा- 200 पन्नों की किताब और 400 फिल्मी- ग़ैर फिल्मी गाने मिलाकर सिर्फ 4 लाइनें ढूंढ पाए? इतना आलस? और लाइनें ढूंढो, मेरी भी और बाक़ी राइटर्स की भी. फिर एक साथ फ़ुरसत से जवाब दूंगा. शुभ रात्रि! 

अमिताभ बच्चन ने दिया मनोज को बड़ा मौका
27 फरवरी 1976 को उनका जन्म हुआ था. वो अमेठी, उत्तर प्रदेश से आते हैं. मनोज मुंतशिर आज इंडस्ट्री का बड़ा नाम हैं. वो कंगना रनौत की अपकमिंग फिल्म सीता के को-राइटर भी हैं. मनोज ने इंडस्ट्री में अपना नाम बनाने से पहले काफी स्ट्रगल किया है. उन्होंने रियलिटीज शोज भी लिखे हैं. अमिताभ बच्चन ने उन्हें कौन बनेगा करोड़पति के लिए लिखने का मौका भी दिया था. आइए एक नजर डालते हैं मनोज की करियर जर्नी पर...
 
ऐसे शायर बने मनोज
मनोज जब 12वीं क्लास में थे तो उन्हें पहला प्यार हुआ था. साहित्य आजतक में उन्होंने कहा था- मुझे बहुत अच्छा खासा इश्क हुआ था. इश्क और दिल टूटने में थोड़ा वक्त था. लड़की ने मुझसे कहा था कि उसके पापा मुझे पसंद नहीं करते. इस पर मैंने उससे कहा ''किसके पापा को अपनी बेटी का बॉयफ्रेंड पसंद आया है."  तब पहली बार एक 12वीं क्लास के लड़के ने अपने अंदर का शायर ढूंढ़ा था.

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700 रुपये लेकर मुंबई निकले थे मुंतशिर
मनोज ने साहित्य आजतक में बताया था- मैं अमेठी से आता हूं. मेरे पापा ब्राह्मण और किसान हैं. साल में 6 महीने वो खेती करते हैं और 6 महीने हवन-शादी कराते हैं. उन्होंने अपनी जिंदगी में कभी भी मुंतशिर शब्द नहीं सुना था. जब मैंने उन्हें कहा कि मैं अपना सरनेम बदलकर मुंतशिर कर रहा हूं तो उन्होंने कहा क्या चाहिए. मैंने कहा 300 रुपये, मुंबई की ट्रेन का टिकट लेना है और राइटर बनने के अपने सपने को पूरा करना है. उन्होंने मुझे 700 रुपये दिए, वो इस चीज को लेकर श्योर थे कि मैं फेल हो जाऊंगा और वापस आना चाहूंगा. अब मुंबई मेरा घर है. 

बता दें कि मनोज मुंतशिर का असली नाम मनोज शुक्ला है.   

मनोज ने लिखे पॉपुलर गाने
मनोज ने कई पॉपुलर गाने लिखे हैं. उन्होंने फिल्म एक विलन के लिए गलियां, रुस्तम के लिए तेरे संग यारा, एमएस धोनी के लिए कौन तुझे, जीनियस के लिए दिल मेरी ना सुने, हाफ गर्लफ्रेंड के लिए फिर भी तुमको चाहूंगा, केसरी के लिए तेरी मिट्टी जैसे गानों के लिरिक्स लिखे हैं. उनके गानों को काफी पसंद किया गया.
 
बाहुबली 2 के लिए लिखे डायलॉग
मनोज ने इंडियाज गॉट चैलेंट, इंडियन आइडल जूनियर के लिए भी स्क्रिप्ट लिखी है. इसके अलावा उन्होंने पेमस फिल्म बाहुबली 2 के लिए हिंदी डायलॉग लिखे हैं.
 

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