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जब करीना ने परिवार के नाराज होने का रिस्क लेकर की वो फिल्म, जिसने उन्हें बना दिया सीरियस एक्टर

करीना कपूर बॉलीवुड की टॉप फीमेल स्टार्स में से एक हैं. करियर की शुरुआत में उन्होंने कई ऐसी फिल्में कीं जिनसे उनकी फिल्मी इमेज एक खास स्टाइल में नजर आने वाली, खास टशन में बोलने वाली टिपिकल 'ग्लैमर डॉल' की बन गई. लेकिन इस लिस्ट में एक फिल्म ऐसी थी जिसने करीना के अंदर के कलाकार को लोगों के सामने रखा.

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'चमेली' में करीना कपूर
'चमेली' में करीना कपूर

करीना कपूर ने जे पी दत्ता की फिल्म 'रिफ्यूजी' से बॉलीवुड डेब्यू किया, जो एक सीरियस टाइप की फिल्म थी. लेकिन करीना को उनकी पहली परफॉरमेंस के लिए बहुत बेहतरीन रिव्यू नहीं मिले थे. हालांकि उन्हें 'रिफ्यूजी' के लिए 'बेस्ट फीमेल डेब्यू' का फिल्मफेयर अवॉर्ड जरूर मिला. इंडिया ही नहीं, दुनिया भर में फिल्म कलाकार दो बड़े खांचों में रखे जाते हैं- जानदार अदाकारी और एक्टिंग टैलेंट को पॉलिश करते रहने वाले परफॉर्मर. और एक खास स्टाइल, एटीट्यूड और अदा के साथ फिल्मों में नजर आने वाले स्टार्स. कुछ लोग दोनों होते हैं, और कुछ एक भी ठीक से नहीं बन पाते. 

रिफ्यूजी के बाद करीना 'मुझे कुछ कहना है' में पूजा सक्सेना बनीं फिर 'कभी खुशी कभी गम' में पूजा शर्मा. 'मुझसे दोस्ती करोगे' में वो टीना बनीं, तो 'जीना सिर्फ मेरे लिए' में फिर पूजा और 'मैं प्रेम की दीवानी हूं' में संजना. इन पांचों फिल्मों में एक बात कॉमन है, ये बड़े बैनर की ड्रामा फिल्में थीं और इनमें करीना के किरदारों को एक दूसरे से अलग करके देखने के लिए आपको बहुत ज्यादा मेहनत करनी पड़ेगी. 

मोटे तौर पर, इन फिल्मों में वो एक्टर की लव इंटरेस्ट थीं, जो फैशन और स्टाइल की क्वीन है और उनके किरदारों का ट्रीटमेंट 'स्टार' वाले एक खास जोन में ज्यादा था. लेकिन आज उनकी फिल्मों की लिस्ट में ऐसी फिल्में भी काफी हैं जो उनका ठोस परफॉरमेंस को दिखाती हैं. 'स्टार' करीना को तो लोग उनकी दूसरी फिल्म से ही देखने लगे थे, लेकिन उनके एक्टिंग टैलेंट को पहली बार लोगों के सामने लाने वाली फिल्म थी 'चमेली'. 

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'चमेली' में करीना कपूर

करीना नहीं थीं पहली चॉइस 
अगर करीना की फिल्मों की लिस्ट देखें तो 'चमेली' ऑलमोस्ट वो फिल्म है, जो सबसे अलग नजर आती है. इसके कई कारण थे. एक तो ये फिल्म छोटे बजट में बनी थी, ऊपर से इसमें बॉलीवुड के किसी टॉप फिल्म डायरेक्टर का नाम नहीं था. उनके साथ फिल्म में कोई टॉप स्टार या पॉपुलर यंग एक्टर नहीं था, राहुल बोस लीड रोल में थे जो आर्ट टाइप की फिल्में करने के लिए ज्यादा जाने जाते थे. और न करीना का रोल ही इसमें ग्लैमरस था. उल्टा इसमें उन्होंने एक सेक्स-वर्कर का किरदार निभाया. इसलिए फिल्म की कास्टिंग के समय पहला नाम करीना का न आया हो, ये बहुत नेचुरल सी बात है.

'चमेली' की कहानी में डायरेक्टर अनंत बालानी पहले अमीषा पटेल को लेना चाहते थे. लेकिन ऐसा कहा जाता है कि अमीषा ने इसलिए इनकार कर दिया क्योंकि उन्हें लगता था इंडियन दर्शक उन्हें इस अवतार में स्वीकार नहीं करेंगे. 'चमेली' का शूट स्टार्ट होने के बाद अनंत ने एक इंटरव्यू में बताया था कि वो किसी ऐसी एक्ट्रेस को कास्ट करना चाहते थे जिसने सेक्स-वर्कर का किरदार पहले न निभाया हो. बल्कि वो मेनस्ट्रीम सिनेमा से किसी एक्ट्रेस को लेकर एक खांचा सा तोड़ना चाहते थे. इसलिए उन्होंने करीना को अप्रोच किया. 

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'चमेली' के लिए करीना ने परिवार से मांगी इजाजत 
करीना जिस परिवार से आती हैं वो बॉलीवुड का टॉप परिवार है. और 90s से पहले इस कपूर परिवार की बेटियों ने फिल्मों में काम नहीं किया था. सिवाय शशि कपूर और जेनिफर की बेटी संजना के. लेकिन शशि कपूर इस मामले में ट्रेडिशनल कपूर थे भी नहीं, उनकी सिनेमाई और सोशल सोच अलग थी. मेन कपूर परिवार में 90s में जब करिश्मा ने एक्टिंग में कदम रखा तभी जनता चौंक गई थी. लेकिन करीना तो सीधा सेक्स वर्कर का किरदार करने की सोच रही थीं, जो बहुत ज्यादा अलग था. सीधा रिस्क ये था कि परिवार नहीं मानेगा. 

'चमेली' में करीना कपूर

22 साल की उम्र में जब करीना को 'चमेली' ऑफर हुई तो उन्होंने अपने पेरेंट्स रणधीर कपूर और बबिता कपूर से बात की. एक पुराने इंटरव्यू में करीना ने बताया था कि उनके पेरेंट्स ने कहा, 'उन्होंने मुझे सपोर्ट किया, ये कहते हुए कि ये एक बोल्ड थीम है और मेरे करियर के लिए जादुई साबित हो सकती है. और अगर मैंने अब ये रिस्क नहीं लिया तो मैं उसी चमकदार इमेज में फंस जाऊंगी जो मुझे लेकर बन गई है.' करीना को पेरेंट्स से हरी झंडी मिली और अगस्त 2003 में शूट शुरू हो गया. करीना ने अपने किरदार के लिए मेहनत शुरू कर दी, लेकिन कहानी में अभी भी एक मोड़ आना बाकी था. 

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बंद होने के कगार पर थी फिल्म 
एक बार करीना की नजर से सोचिए. एक यंग एक्ट्रेस, अपनी ग्लैमरस छवि तोड़कर, एक सेक्स-वर्कर का रोल करने जा रही है, ऊपर से वो कपूर परिवार की बेटी है. और अगर फिल्म फंस जाए तो? ऐसा ही हुआ और इसकी वजह बहुत दुखद रही. 'चमेली' के डायरेक्टर अनंत बालानी का निधन हो गया. फिल्म पर ये रिस्क आ गया कि कहीं इसे बंद न करना पड़े. 

मगर प्रोड्यूसर प्रीतिश नंदी ने डायरेक्टर सुधीर मिश्रा को फिल्म पूरी करने के लिए साथ बुलाया. सुधीर ने शुरुआत तो अनंत के आइडिया से की, मगर अब स्क्रिप्ट नई थी. 6 महीने में 'चमेली' का डायरेक्टर और स्क्रिप्ट बदल चुके थे. करीना ने फिर भी अपना बेस्ट दिया और 9 जनवरी 2004 को जब फिल्म आखिरकार रिलीज हुई, तो लोग करीना को देखकर दंग थे.

'चमेली' में करीना कपूर

इस फिल्म ने बहुत कमाई नहीं की, ऐसी फिल्में करती भी नहीं. लेकिन करीना को उनके काम की ऐसी जोरदार तारीफ़ मिली कि एक बार तो शायद उन्हें भी यकीन न हुआ हो. 'चमेली' ने यंग करीना को इंडस्ट्री में एक सीरियस एक्टर बना दिया. 

करीना अपने इंटरव्यूज में ये कह चुकी हैं कि 'चमेली' की कामयाबी ने ही उन्हें 'युवा' 'ओमकारा' और 'जब वी मेट' जैसे चैलेंजिंग रोल करने के लिए तैयार किया. और जैसा कि उनके पेरेंट्स ने कहा था, 'चमेली' ने उन्हें 'ग्लैमर गुड़िया' वाले खांचे से बाहर निकाल दिया.

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