कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री के लिए बुधवार की सुबह एक दुखद खबर लेकर आई. इंडस्ट्री के पॉपुलर एक्टर्स में से एक दिलीप राज का बुधवार सुबह निधन हो गया. कन्नड़ इंडस्ट्री के सुपरस्टार, स्वर्गीय पुनीत राजकुमार की फिल्म मिलन (2007) से पॉपुलर हुए दिलीप 47 साल के थे. जानकारी के अनुसार दिलीप को बुधवार सुबह बड़ा हार्ट अटैक आया और उन्हें तुरंत हॉस्पिटल ले जाया गया. लेकिन वहां डॉक्टर्स उन्हें बचा नहीं पाए.
कौन थे दिलीप राज?
दिलीप राज ने कन्नड़ टीवी शोज से अपना करियर शुरू किया था और 2005 में उन्होंने फिल्म बॉयफ्रेंड से फिल्म डेब्यू किया था. दिलीप को बड़ी पॉपुलैरिटी सुपरस्टार पुनीत राजकुमार की फिल्म मिलन (2007) से मिली. इस फिल्म में दिलीप ने पुनीत के हीरो के सामने विलेन का रोल निभाया था. फिल्म में उनके काम को बहुत सराहा गया, जिसके बाद उन्होंने कई फिल्मों में यादगार सपोर्टिंग किरदार और विलेन कैरेक्टर प्ले किए.
कन्नड़ थ्रिलर फिल्म यू टर्न (2016) में दिलीप ने लीड रोल निभाया था, जिसमें उनकी परफॉरमेंस की खूब चर्चा हुई थी. गाना बजाना (2010), पुलिस क्वार्टर्स (2010), बर्फ़ी (2013) और ऑर्केस्ट्रा मैसूरू (2023) जैसी फिल्मों ने दिलीप को और पॉपुलर बना दिया. उनकी लेटेस्ट फिल्म लव मॉकटेल 3 इसी साल मार्च में रिलीज हुई थी.
बड़े पर्दे पर ही नहीं, टीवी पर भी बड़ा नाम थे दिलीप
टीवी से शुरुआत करने वाले दिलीप राज ने छोटे पर्दे का साथ नहीं छोड़ा था. 2007 के बाद जहां उनका फिल्म करियर मजबूत होता चला गया, वहीं उन्होंने टीवी पर काम करना भी जारी रखा. जी कन्नड़ के शो हिटलर कल्याण (2021) में दिलीप ने न सिर्फ लीड रोल निभाया, बल्कि इसे प्रोड्यूस भी किया. टीवी पर दिलीप ने हिटलर कल्याण के अलावा, रथसप्तमी (2013) और विद्या विनायक (2017) जैसे शोज भी प्रोड्यूस किए थे, जो कन्नड़ दर्शकों में बहुत पॉपुलर हुए.
मल्टी टैलेंटेड दिलीप राज एक्टर और प्रोड्यूसर होने के साथ-साथ डायरेक्टर और डबिंग आर्टिस्ट भी थे. उन्होंने आ दिनगालु (2007) जैसी कई फिल्मों में एक्टर्स के लिए कन्नड़ डबिंग की थी. करियर की शुरुआत में दिलीप ने एक्ट्रेस राधिका पंडित के साथ भी कई फिल्में की थीं, जो अब कन्नड़ स्टार यश की पत्नी हैं.
थिएटर से लेकर टीवी और फिल्मों तक, दिलीप राज को एक वर्सेटाइल एक्टर के तौर पर जाना जाता था. वो इमोशनल ड्रामा से लेकर नेगेटिव किरदार और फैमिली रोल्स तक में बड़ी सहजता से ढल जाते थे. इसलिए सपोर्टिंग किरदारों के लिए वो एक पॉपुलर चॉइस थे. उनका निधन कन्नड़ इंडस्ट्री के लिए एक शॉक की तरह आया है.