scorecardresearch
 

शाहरुख खान के 'अदब' ने जीता गुरदास मान का दिल, बोले- उसने जब झप्पी डाल के मुझे उठाया...

गुरदास मान ने बताया कि वो पहली बार मुंबई एक 'बैसाखी नाईट' के लिए आए थे. ये प्रोग्राम पंजाब एसोसिएशन मुंबई की तरफ से हुआ था, जो हिंदी सिनेमा के आइकॉन और कपूर परिवार के पहले बड़े स्टार, पृथ्वीराज कपूर की सरपरस्ती में शुरू हुई थी. उन्होंने शाहरुख से मुलाकात को भी याद किया.

Advertisement
X
गुरदास मान, शाहरुख खान
गुरदास मान, शाहरुख खान

सुपरस्टार शाहरुख खान की शख्सियत का जितना बड़ा कद है, रियल लाइफ में वो उतने ही विनम्र भी हैं. कोई भी जब उनसे मुलाकात का किस्सा सुनाता है तो उसमें शाहरुख की मेहमाननवाजी, उनकी विनम्रता और उनके दिल जीत लेने वाले जेस्चर का जिक्र जरूर आता है. 

अब पंजाबी म्यूजिक के आइकॉन गुरदास मान ने बताया है कि कैसे शाहरुख खान के 'अदब' ने उनका दिल जीत लिया था. शाहरुख की आइकॉनिक फिल्मों में से एक 'वीर जारा' में गुरदास मान ने दो बहुत पॉपुलर गाने गाए थे. इनमें से एक गाने 'देस है मेरा' में गुरदास का कैमियो भी था और वो शाहरुख के साथ भांगड़ा करते हुए नजर आए थे. 

अब मान साहब ने उस शूट के वक्त शाहरुख से मुलाकात और उनके स्वभाव के बारे में बात की है. 'पंजाब का मान' कहे जाने वाले गुरदास ने ये मुंबई की हिंदी फिल्म इंडस्ट्री और कलाकारों से अपनी मुलाकातों और उनसे मिले प्यार के बारे में भी बात की. 

कैसे मुंबई में अपनी पंजाबी विरासत को संभालते थे हिंदी फिल्म स्टार्स 
टीवी 9 के साथ एक इंटरव्यू में गुरदास मान ने बताया कि वो पहली बार मुंबई एक 'बैसाखी नाईट' के लिए आए थे. ये प्रोग्राम पंजाब एसोसिएशन मुंबई की तरफ से हुआ था, जो हिंदी सिनेमा के आइकॉन और कपूर परिवार के पहले बड़े स्टार, पृथ्वीराज कपूर की सरपरस्ती में शुरू हुई थी. 

Advertisement

गुरदास को लोगों ने बताया कि एक जमाने में पृथ्वीराज कपूर खुद स्टेज पर परफॉर्म करते थे, उनके बेटे राज कपूर स्टेज का पर्दा खींचते थे और अपने दौर के बेहतरीन एक्टर प्राण भी स्टेज वगैरह तैयार करते थे. ये सभी लोग और दिलीप कुमार जैसे आइकॉन उस कल्चर को जिंदा रखने के लिए बहुत कुछ करते थे, जिसे वो बंटवारे के बाद अपने पीछे पाकिस्तान में छोड़ आए थे. 

जब मुंबई के प्रोग्राम में बादशाह अकबर बने गुरदास मान 
गुरदास ने बताया कि उनकी नाक देखने के बाद उस प्रोग्राम में एक एक्ट के लिए उन्हें बादशाह अकबर का किरदार दिया गया और उन्हें अनारकली के मुजरे की दाद देनी थी. इस रोल के लिए प्राण साहब ने खुद गुरदास को तैयार करने में मदद की थी. 

शाहरुख के 'अदब' ने जीता मान साहब का दिल 
हिंदी फिल्म स्टार्स से मुलाकातों के सिलसिले में जब शाहरुख का जिक्र आया तो गुरदास मान ने दिल खोलकर बात की. उन्होंने कहा, 'शाहरुख जी तो बहुत प्यार करते हैं. 'वीर जारा' में उनके साथ काम किया थोड़ा सा काम किया है. थोड़ा सा ही किया, मगर उसने जब झप्पी डाल के मुझे उठाया है... ऐसा प्यार और सत्कार करने वाला फनकार. अपनी गाड़ी में ले जाकर मुझे जो पीना था, जो खाना था वो खिलाया बाकायदा और गाड़ी तक बिठाकर गया.

Advertisement

शाहरुख के बारे में ये बात मशहूर है कि वो लोगों को बहुत इज्जत से मिलते हैं और उनके जाते वक्त उन्हें गाड़ी तक छोड़ने जाते हैं. शाहरुख के इस 'अदब' के बारे में गुरदास ने कहा, 'भई है उस कलाकार में! जिसके अंदर अदब है... अदब-सलीका-तरीका-तहजीब यही चीजें कलाकार को बनाती हैं. ये चीजें मिस हो जाएं तो फिर कौन पूछता है यार... फिर तो कोई अपने घर में बड़ा मैं अपने घर में!' 

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement