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70 की उम्र में फिल्ममेकर एम. एम. बेग का निधन, घर में पड़ा मिला शव, बदबू आने पर पड़ोसियों ने दी खबर

फिल्म मेकर एम. एम. बेग का उनके घर पर निधन हो गया. वो हिंदी सिनेमा में अपने काम और बेटी बेबी गुड्डू के पिता के रूप में जाने जाते थे. उनकी मृत्यु की खबर से फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है. वो करीब 70 वर्ष के थे और लंबे समय से बीमार चल रहे थे.

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चाइल्ड आर्टिस्ट बेबी गुड्डू के पिता थे एम एम बेग (Photo: Screengrab/ITG)
चाइल्ड आर्टिस्ट बेबी गुड्डू के पिता थे एम एम बेग (Photo: Screengrab/ITG)

फिल्म इंडस्ट्री से एक बेहद शॉकिंग और बुरी खबर आ रही है. सीनियर फिल्म मेकर एम. एम. बेग का निधन हो गया है. वो हिंदी सिनेमा में अपने काम और एक्स-चाइल्ड आर्टिस्ट बेबी गुड्डू के पिता के तौर पर जाने जाते थे. खबर है कि बेग अपने अपने घर पर मृत पाए गए. इस बात को लगभग एक हफ्ता बीत चुका था.  ये खबर उनके पब्लिसिस्ट हनी जावेरी ने दी. एम. एम बेग करीब 70 साल के थे.

कैसे हुआ एम. एम. बेग का निधन?

बेग के पब्लिसिस्ट हनीफ जावेरी के मुताबिक, बेग साहब काफी समय से बीमार चल रहे थे और अकेले रह रहे थे. हनीफ ने बताया- वो काफी समय से अस्वस्थ थे. जब 4–5 दिनों तक वो घर से बाहर नहीं निकले, तो पड़ोसियों को घर से बदबू आने लगी. उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस से की. पुलिस ने दरवाजा खोला तो बेग साहब का शव अंदर मिला और उनकी बेटी को इसकी सूचना दी.

इसके बाद पुलिस ने रात करीब 1:30 से 2:00 बजे के बीच उनका शव पोस्टमार्टम के लिए कूपर अस्पताल भेज दिया. हनीफ ने कहा- वो बहुत ही प्यारे इंसान थे. मैं उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं.

उनकी मौत की खबर से इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है.

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कौन थे एम. एम. बेग?

एम. एम. बेग हिंदी सिनेमा के एक लिजेंड्री फिल्ममेकर थे, जिन्होंने इंडस्ट्री में लंबे समय तक काम किया. वो खास तौर पर अपने शांत स्वभाव और फिल्म निर्माण के प्रति समर्पण के लिए जाने जाते थे. 80 और 90 के दशक में उनकी बेटी बेबी गुड्डू ने कई फिल्मों में काम किया था और उस दौर की फेमस चाइल्ड आर्टिस्ट रही थीं. 

हालांकि आम दर्शकों के बीच उनका नाम बहुत ज्यादा मशहूर नहीं था, लेकिन एम. एम. बेग ने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में खासकर 1980 और 1990 के दशक में अहम भूमिका निभाई. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत बड़े फिल्ममेकरों जैसे जे. ओम प्रकाश, विमल कुमार और राकेश रोशन के साथ असिस्टेंट के तौर पर की थी. उस दौर की कई कमर्शियल फिल्मों- जैसे आदमी खिलौना है, जैसी करनी वैसी भरनी, कर्ज चुकाना है, काला बाजार और किशन कन्हैया में उन्होंने काम किया.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने ऋतिक रोशन को भी उनके डेब्यू से काफी पहले डिक्शन, वॉइस मॉड्यूलेशन और डायलॉग प्रैक्टिस में मदद की थी.

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