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जब सायरा बानो से बोले दिलीप कुमार- 'तुम मेरी नींद की गोली हो, तुम्हीं मेरा तकिया हो'

सायरा ने बताया कि दिलीप कुमार को इनसोम्निया की गंभीर शिकायत थी, यानी उन्हें नींद ही नहीं आती थी. उन्होंने इसके लिए दवाई भी ली थी लेकिन वो भी बेअसर रही थी. उन्होंने ये भी बताया कि दिलीप कुमार कभी एक्टर बनना ही नहीं चाहते थे, बल्कि नेशनल लेवल का स्पोर्ट्समैन बनने में उनकी दिलचस्पी थी.

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सायरा बानो, दिलीप कुमार
सायरा बानो, दिलीप कुमार

बॉलीवुड के लेजेंड्स में से एक दिलीप कुमार ने 3 साल पहले इस दुनिया को अलविदा कहा था. दिलीप कुमार की तीसरी डेथ एनिवर्सरी पर उनकी पत्नी, वेटरन एक्ट्रेस सायरा बानो ने सोशल मीडिया पर उन्हें याद करते हुए एक लंबा सा नोट शेयर किया है. 

सायरा ने अपने नोट में दिलीप साहब से जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें बताईं. उन्होंने बताया कि एक समय दिलीप कुमार को इनसोम्निया की गंभीर शिकायत थी, यानी उन्हें नींद ही नहीं आती थी. उन्होंने इसके लिए दवाई भी ली थी लेकिन वो भी बेअसर रही थी. 

सायरा के आने के बाद ही सो पाए दिलीप कुमार 
अपने नोट में सायरा बानो ने बताया, 'साहब (दिलीप कुमार) एक ऑल टाइम ग्रेट एक्टर थे. उनके लिए हर चीज उपलब्ध थी, फिर भी बहुत लोगों को नहीं पता कि उन्हें गंभीर इनसोम्निया था. हमारी शादी से पहले, दवा लेने के बाद भी, वो सुबह तक जागते रहते थे. हालांकि, एक बार जब हमारी शादी हो गई और एक दूसरे के बिना हमारा रहना मुश्किल हो गया, तब वो वक्त पर सोने लगे. उन्होंने मुझे एक क्यूट निकनेम भी दिया था, बड़े प्यार से ये कहते हुए कि 'सायरा, तुम मेरी नींद की गोली हो, तुम्हीं मेरा तकिया हो.' वो जिस प्यार से ये कहते थे, उसे याद करके मैं आजतक हंस पड़ती हूं.' 

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सायरा ने दिलीप साहब का एक और किस्सा बताया, जब उन्होंने सायरा के लिए एक प्यारा सा नोट लिखा था. इस नोट की फोटो शेयर करते हुए सायरा ने बताया कि उन्हें म्यूजिक का बहुत शौक था, इसलिए उनके घर पर अक्सर ही एक दरबार सा जमा रहता था, जहां आर्टिस्ट आकर म्यूजिक प्रेजेंट करते थे. 

सायरा ने बताया, 'साहब अक्सर, नींद लेने के लिए दरबार से सरक लिया करते थे. ऐसी ही एक शाम को, दरबार से गायब हो जाने के बावजूद, उन्हें मेरे बिना नींद ही नहीं आ रही थी. तो उन्होंने मुझे एक नोट लिखा, 'नींद आ रही है, आपकी क्या सलाह है आंटी??... 100% आपका.''

स्पोर्ट्समैन बनना चाहते थे दिलीप कुमार
सायरा ने अपने नोट में आगे बताया कि देश के पहले प्रधानमंत्री, जवाहरलाल नेहरू के साथ वो बेस्ट फ्रेंड थे. इनके साथ ही वो अटल बिहारी वाजपेयी, नरसिम्हा राव, देश के तमाम वकीलों, अर्थशास्त्रियों और उद्यमियों के भी दोस्त थे. सायरा ने बताया कि दिलीप कुमार कभी एक्टर बनना ही नहीं चाहते थे, बल्कि नेशनल लेवल का स्पोर्ट्समैन बनने में उनकी दिलचस्पी थी. 

उन्होंने लिखा, 'वो फुटबॉल और क्रिकेट बड़े आराम से खेल लेते थे. बल्कि वो नेशनल लेवल स्पोर्ट्समैन बनना चाहते थे, बजाय उसके जो किस्मत ने उनके लिए तय किया था.' 

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सायरा ने कहा कि ये नोट वो दिलीप कुमार के उन फैन्स, दोस्तों परिवार और शुभचिंतकों के लिए लिख रही हैं जो आज भी हर मौके पर उन्हें प्यार भरे मैसेज भेजते हैं. 

1922 में जन्मे दिलीप कुमार ने 1944 में आई फिल्म 'ज्वार भाटा' से डेब्यू किया था और वो 'आन', 'दाग', 'मधुमती' और 'नया दौर' जैसी कई आइकॉनिक हिंदी फिल्मों में नजर आए. उनका निधन 7 जुलाई 2021 को हुआ था.  

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