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भजन सम्राट नरेंद्र चंचल का निधन, 'माता की भेंट' से दुनियाभर में थे मशहूर

माता की भेंट गाने वाले जाने माने गायक नरेंद्र चंचल का निधन हो गया है. सर्वप्रिय विहार स्थित घर में उन्होंने अंतिम सांस ली. हरभजन सिंह ने नरेंद्र चंचल के निधन पर शोक व्यक्त किया है. उन्होंने लिखा- ये जानकर बहुत दुख हुआ कि प्रतिष्ठित और सबसे ज्यादा प्यारे नरेंद्र चंचल हमें छोड़कर चले गए. उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना.

नरेंद्र चंचल नरेंद्र चंचल

माता की भेंट गाने वाले जाने माने गायक नरेंद्र चंचल का 80  साल की उम्र में निधन हो गया है. सर्वप्रिय विहार स्थित घर में उन्होंने अंतिम सांस ली. वो लंबे समय से बीमार चल रहे थे. नरेंद्र चंचल ने बचपन मातारानी के भजन गाते हुए बि‍ताया था. उनके भजन घर-घर मशहूर हुए. नरेंद्र चंचल के जाने से शोक की लहर दौड़ गई है. 

पीएम मोदी ने जताया दुख
पीएम नरेंद्र मोदी ने भी उनके निधन पर दुख जताया है. उन्होंने लिखा- लोकप्रिय भजन गायक नरेंद्र चंचल जी के निधन के समाचार से अत्यंत दुख हुआ है. उन्होंने भजन गायन की दुनिया में अपनी ओजपूर्ण आवाज से विशिष्ट पहचान बनाई. शोक की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिजनों और प्रशंसकों के साथ हैं. ओम् शांति!

हरभजन सिंह ने नरेंद्र चंचल के निधन पर व्यक्त किया शोक

क्रिकेटर हरभजन सिंह ने नरेंद्र चंचल के निधन पर शोक व्यक्त किया है. उन्होंने लिखा- ये जानकर बहुत दुख हुआ कि प्रतिष्ठित और सबसे ज्यादा प्यारे नरेंद्र चंचल हमें छोड़कर चले गए. उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना. उनके परिवार के प्रति हार्दिक संवेदना. दलेर मेहंदी ने भी उनके निधन पर दुख जाहिर किया.

 

इन बॉलीवुड फिल्मों में गाया गाना

बता दें कि नरेंद्र चंचल पिछले कई दशकों से कीर्तन और जगरातों की दुनिया में सक्रिय थे. उन्होंने राज कपूर की फिल्म बॉबी में 'बेशक मंदिर मस्जिद तोड़ो' गाना गाया. ये गाना आज भी लोगों की जुबान पर रहता है. इस गाने से उन्हें पहचान मिली. नरेंद्र ने 1974 में बेनाम फिल्म में 'मैं बेनाम हो गया' सॉन्ग गाया. 1974 में ही उन्होंने रोटी कपड़ा और मकान में 'बाकी कुछ बचा तो महंगाई मार गई' गाने को आवाज दी.

नरेंद्र ने फिल्म 'आशा' 1980, में तूने मुझे बुलाया सॉन्ग गाया, जो काफी हिट हुआ था. इसके बाद 1983 में फिल्म अवतार के लिए उन्होंने भजन 'चलो बुलावा आया है' गाया. ये शबाना आजमी और राजेश खन्ना पर फिल्माया गया था.

इसके अलावा उन्होंने 1985 में फिल्म काला सूरज के लिए दो घूंट पिला दे और 1994 में फिल्म अनजाने (Anjaane) के लिए हुए हैं कुछ ऐसे वो हमसे पराए सॉन्ग गाया. 

 

मां की वजह से बढ़ी थी भजनों में रुचि
बता दें कि नरेंद्र चंचल का जन्म 16 अक्टूबर 1940 में पंजाबी परिवार में हुआ था. नरेंद्र चंचल की अपनी मां की वजह से भजनों में रुचि बढ़ी थी. उन्होंने बचपन से ही अपनी मां को मातारानी के भजन गाते सुना था. नरेंद्र अपनी पहली गुरु अपनी मां को माना करते थे. इसके बाद चंचल ने प्रेम त्रिखा से संगीत सीखा, फिर वो भजन गाने लगे थे. नरेंद्र चंचल ने मिडनाइट सिंगर नामक एक बायोग्राफी भी जारी की, जो उनके जीवन, संघर्षों और कठिनाइयों को बताती है. 


कोरोना पर नरेंद्र चंचल का भजन  

बता दें कि मार्च 2020 में नरेंद्र चंचल का एक वीडियो वायरल हो हुआ था. इसमें वे मां दुर्गा का एक भजन गाते दिखे थे. इसमें उन्होंने कोरोना का भी जिक्र किया था. नरेंद्र चंचल द्वारा जगराते में गाया गया उनका वीडियो लोगों के बीच काफी पॉपुलर हुआ. इसमें उन्होंने गाया कि डेंगू भी आया और स्वाइन फ्लू भी आया, चिकन गोनिया ने शोर मचाया, कित्थे आया कोरोना? 
 

 

 

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