बॉलीवुड एक्टर विक्की कौशल की सबसे बड़ी हिट फिल्म 'छावा' एक बार फिर सुर्खियों में आ गई है. इस बार वजह म्यूजिक कंपोजर ए आर रहमान बने हैं. क्योंकि उन्होंने इस फिल्म को 'बांटने वाली फिल्म' कहा है. रहमान ने ये बयान अपने हालिया इंटरव्यू में दिया, जिसके बाद काफी बवाल खड़ा हुआ.
'छावा' पर रहमान ने दिया विवादित बयान
ए आर रहमान का 'छावा' को बांटने वाली फिल्म कहना कई लोगों को पसंद नहीं आया. इस फिल्म ने मराठा सम्राट छत्रपति संभाजी महाराज की वीर गाथा बड़े पर्दे पर पेश की थी. ऐसे में कई लोगों की भावनाएं रहमान के बयान से आहत हुई हैं. उन्होंने ये सवाल खड़े करने शुरू कर दिए हैं कि जब कंपोजर को ये फिल्म इतनी ही नापसंद थी. तो उन्होंने क्यों इस फिल्म में अपना म्यूजिक दिया?
रहमान के 'छावा' फिल्म में म्यूजिक देने के सवाल का जवाब कुछ ही वक्त पहले डायरेक्टर लक्ष्मण उतेकर दे चुके हैं. मामाराजी को दिए इंटरव्यू के दौरान, लक्ष्मण उतेकर ने 'छावा' पर बात की थी और कहा, 'मैं नहीं चाहता था कि छावा फिल्म में मराठी टाइप का फीलिंग आए, नहीं तो मैं मराठी में ही बना देता. हिंदी में इसलिए बनाई कि दुनिया भर में सबको पता चले. मुझे बड़ी रीच चाहिए थी. नॉर्मल मराठी वाली बातें या गाने बिल्कुल नहीं रखना चाहता था.'
क्यों 'छावा' के म्यूजिक के लिए चुने गए थे रहमान?
छावा डायरेक्टर ने आगे कहा कि वो हॉलीवुड की फिल्मों से प्रेरित होकर छत्रपति संभाजी महाराज की कहानी पर्दे पर दिखाना चाहते थे. उन्होंने इंटरनेशनल अप्रोच के इरादे से ये फिल्म बनाई थी, जिसके म्यूजिक के लिए उन्होंने ए आर रहमान को चुना. लक्ष्मण उतेकर ने आगे कहा, 'मेरा सपना है कि मैं अजय-अतुल जैसे दमदार कंपोजर्स के साथ काम करूं. मुझे उनकी कला बहुत पसंद है. लेकिन 'छावा' फिल्म के साथ मैं ऐसी फिल्म बनाना चाहता था जो पूरी दुनिया के लोग पसंद करें. महाराष्ट्र में तो सबको संभाजी महाराज के बारे में पता है. लेकिन महाराष्ट्र के बाहर बहुत कम लोग उन्हें जानते हैं. उनकी बात को दुनिया तक पहुंचाने के लिए मैं चाहता था कि रहमान सर ही म्यूजिक करें.'
बता दें कि फिल्म 'छावा' ने वर्ल्डवाइड 800 करोड़ का बिजनेस किया था. इसमें विक्की कौशल के अलावा अक्षय खन्ना और रश्मिका मंदाना थे. इस फिल्म की रिलीज के बाद देश में काफी हंगामा भी खड़ा हुआ था. मुगल बादशाह औरंगजेब की छवि को फिल्म में जिस तरह से पेश किया गया, वो देखकर लोगों के मन में एक नफरत की भावना जगी थी. 'छावा' ने लोगों पर काफी गहराई से असर किया था.