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बचपन में देखी गरीबी, कैसे गांव की गलियों में हारमोनियम बजाने वाले पवन सिंह बने 'पावर स्टार'? आज करोड़ों में नेटवर्थ

पावर स्टार पवन सिंह ने गरीबी से उठकर भोजपुरी संगीत और फिल्मों में उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई है. उनके हिट गाने जैसे 'लॉलीपॉप लागेलू' ने पूरे भारत में पॉपुलैरिटी हासिल की. वे भोजपुरी इंडस्ट्री के सबसे अमीर सितारों में शुमार हैं.

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हैप्पी बर्थडे पवन सिंह (Photo: Instagram @singhpawan999)
हैप्पी बर्थडे पवन सिंह (Photo: Instagram @singhpawan999)

TRP किंग, पावर स्टार के नाम से मशहूर पवन सिंह का दबदबा किसी से छिपा नहीं है. उन्हें लोग भोजपुरी इंडस्ट्री का सलमान खान भी कहते हैं. उनका दबंग अंदाज, भोजपुरी इंडस्ट्री में रुतबा और स्टारडम उन्हें बाकी स्टार्स से अलग बनाता है. 5 जनवरी को पावर स्टार अपना जन्मदिन मना रहे हैं. भोजपुरी इंडस्ट्री को आगे बढ़ाने में पवन सिंह का अहम योगदान रहा है. उनकी बदौलत आज भोजपुरी गाने हिंदी टीवी शोज में गूंज रहे हैं. भोजपुरी गानों और वहां के कलाकारों का दूसरी इंडस्ट्री में क्रेज बढ़ता दिख रहा है.

पवन सिंह ने बचपन में देखी गरीबी

इसका क्रेडिट पवन सिंह को जाता है. उनके हिट सॉन्ग लॉलीपॉप, राजा जी के दिलवा टूट जाई, सॉरी सॉरी कह तारु...पर पूरा हिंदुस्तान झूमा है. रियलिटी शो 'राइज एंड फॉल' में उन्होंने ऐसा गर्दा उड़ाया कि वो टीआरपी किंग बन गए. हिंदी शोज में उनकी डिमांड बढ़ने लगी. वो बिग बॉस 19, द ग्रेट इंडियन कपिल शो और लाफ्टर शेफ 3 में गेस्ट बने. उनका हिंदी गाना 'आई नहीं' भी जबरदस्त हिट रहा. करियर की बुलंदियों को छू रहे पवन सिंह के लिए इस मुकाम तक पहुंचना आसान नहीं था. क्योंकि ये वही पवन सिंह हैं, जिनका गरीबी में बचपन गुजरा था.

घर की जिम्मेदारी संभालने के लिए उन्होंने पढ़ाई बीच में छोड़ दी थी. वो 10वीं पास हैं. अपने चाचा के साथ स्टेज शोज करते थे. उनसे हारमोनियम बजाना सीखा. फिर किस्मत ऐसी पलटी कि आज वो भोजपुरी इंडस्ट्री के सबसे अमीर सितारों में शुमार हैं.

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पवन सिंह ने शो राइज एंड फॉल शो में अपने संघर्ष के दिनों को याद किया था. उन्होंने बताया था बचपन में उनके लिए फ्लाइट से ट्रैवल करना सपने जैसा था. ट्रेन की एसी कोच में जाने के लिए उनके पास पैसे नहीं होते थे. वो एसी कोच में झांककर वहां के माहौल को जानते थे. उस वक्त वो परिवार के साथ छत पर सोते थे. आसमान में उड़ते हुए प्लेन को देख हैरानी जताते थे. उनके घर के हालात ऐसे थे कि दो वक्त की रोटी जुटाना भी मुश्किल था.

छोटी उम्र में पवन ने परिवार की जिम्मेदारी संभालने के लिए काम करना शुरू किया. वो अपने चाचा अजीत सिंह संग लोकल कार्यक्रमों में जाते थे. चाचा से उन्होंने हारमोनियम की बारीकियां सीखीं. साइकिल पर बैठकर मीलों गांव-गांव स्टेज शोज करने जाते थे. धीरे-धीरे पवन सिंह के गाने गांव-गलियों में गूंजने लगे. उनका पहला एल्बम 'ओढ़निया वाली' था, जो कि 2007 में आया था. इसे खास रिस्पॉन्स नहीं मिला था.

पवन सिंह को 2008 में 'लॉलीपॉप लागेलू' से फेम मिला. हालांकि शुरुआती महीने में इस गाने के कैसेट नहीं बिके थे. पावर स्टार को लगा उनका गाना पिट गया. लेकिन अचानक से ये गाना हिट हो गया. लॉलीपॉप गाने ने पवन सिंह की किस्मत बदली. पवन सिंह ने फिल्मों गानों के अलावा भक्ति गीत भी गाए. छठ महापर्व के उनके गीतों को जनता ने बेशुमार प्यार दिया है. एक्टर ने 2007 में फिल्म 'रंगली चुनरिया तोहरे नाम' से एक्टिंग करियर शुरू किया. रिपोर्ट्स की मानें तो उनकी नेटवर्थ 16.75 करोड़ है. वो लग्जरी लाइफस्टाइल जीते हैं. 

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हैप्पी बर्थडे पावर स्टार.
 

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