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उत्तराखंड में मोदी के नाम पर चुनाव लड़ेगी बीजेपी, नहीं होगा सीएम उम्मीदवार!

पार्टी ने ये भी तय किया किसी भी लोकसभा के सांसद को विधानसभा का टिकट नहीं दिया जायेगा। मतलब साफ़ हैं कि बीजेपी के पूर्व मुख्यमंत्री को विधानसभा का टिकट नहीं दिया जायेगा. ऐसे में पूर्व में मुख्यमंत्री रह चुके भगत सिंह कोश्यारी और बीसी खंडूरी दोनों को टिकट ना मिलने की उम्मीद है, दोनों नेता ही 75 साल से अधिक उम्र के हैं.

मोदी ही होंगे चेहरा मोदी ही होंगे चेहरा

विधानसभा चुनावों के लिए तैयार उत्तराखंड में बीजेपी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर ही चुनाव लड़ती नजर आएगी. सूत्रों की मानें तो बीजेपी उत्तराखंड में बिना मुख्यमंत्री पद के चेहरे के साथ चुनावों में उतरेगी. वहीं पार्टी ने यह भी तय किया है कि किसी भी लोकसभा के सांसद को विधानसभा का टिकट नहीं दिया जाएगा. मतलब साफ है कि बीजेपी के द्वारा किसी पूर्व मुख्यमंत्री को विधानसभा का टिकट नहीं दिया जाएगा.

पार्टी ने ये भी तय किया किसी भी लोकसभा के सांसद को विधानसभा का टिकट नहीं दिया जायेगा. मतलब साफ़ हैं कि बीजेपी के पूर्व मुख्यमंत्री को विधानसभा का टिकट नहीं दिया जायेगा. ऐसे में पूर्व में मुख्यमंत्री रह चुके भगत सिंह कोश्यारी और बीसी खंडूरी दोनों को टिकट ना मिलने की उम्मीद है, दोनों नेता ही 75 साल से अधिक उम्र के हैं. पार्टी ने 2014 के लोकसभा चुनाव के बाद ये तय कर लिया था कि 75 साल से अधिक उम्र के नेताओं को किसी भी चुनाव में टिकट नहीं दिया जायेगा. वहीं पार्टी को रमेश पोखरियाल निशंक पर पार्टी को भरोसा नहीं हैं कि पार्टी उनके चेहरे पर चुनाव जीत सकती है.

सर्जिकल स्ट्राइक होगा मुद्दा

पीएम मोदी उतराखंड में सभी 5 लोकसभा सीट पर रैली करेंगे, हाल ही में मोदी की देहरादून में एक बड़ी परिवर्तन रैली हुई थी. पार्टी चुनाव में मोदी सरकार की उपलब्धियों का भी जोर शोर का प्रचार करेंगी, वहीं बड़ी संख्या में राज्य के लोगों का सेना में शामिल होने के कारण पार्टी इस चुनाव में सर्जिकल स्ट्राइक बड़ा मुद्दा बनायेगी. वहीं बीजेपी के निशाने पर मुख्यमंत्री हरीश रावत ही रहेंगे.

'अटल ने बनाया, मोदी संवारेंगे' होगा नारा

बीजेपी चुनावों में 'अटल ने बनाया, मोदी संवारेंगे' और 'विकास का डबल इंजन के नारे से मैदान में उतरेगी'. सूत्रों की मानें तो बीजेपी कांग्रेस से आये सभी 10 बागी विधायको को टिकट देगी. पार्टी के आला नेताओं का मानना है कि ये वो सीट है जहां बीजेपी की कमजोर स्थिति रही है, ऐसे में ये बागी पार्टी के लिये फायदेमंद साबित होंगे क्योंकि इनमें से कई नेता अपनी सीट पर जीतने की स्थिति में है. बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व ने तय किया है कि राज्य की दूसरी पीढ़ी के नेताओं को चुनाव प्रचार और जमीं पर तरजीह दिया जायेगा. 15 जनवरी को बीजेपी की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में उत्तराखंड की 70 में से लगभग 50 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम तय कर दिए जायेंगे.

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