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बंदरों के आतंक के सामने प्रशासन लाचार

चुनाव को लोकतंत्र का महापर्व माना जाता है. इस दिन मतदान को निष्पक्ष और सुचारू रूप से कराने का जिम्मा पोलिंग पार्टियों में शामिल सरकारी कर्मचारियों का होता है. लेकिन इन पोलिंग पार्टियों के लिए लगे पंडालों की सुरक्षा को ही खतरा हो जाए, वो भी बंदरों से, तो आप क्या कहेंगे. यूपी के अमरोहा में ऐसी ही समस्या का सामना करना पड़ा. लेकिन जल्दी ही इसका तोड़ भी ढ़ूंढ लिया गया.पोलिंग पार्टियों को रवाना करने के लिए लगाए पंडालों को बंदरों से बचाने के लिए अब एक लंगूर को तैनात किया गया है. पंडालों की बंदरों से सुरक्षा करने का जिम्मा लंगूर को सौंपने से पहले अमरोहा की जिलाधिकारी शुभ्रा सक्सेना ने लंगूर से हाथ भी मिलाया.

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