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Exclusive: अख‍िलेश से मुकाबले के लिए बीजेपी ले सकती है '4G' का सहारा

चुनाव आयोग में सिंबल पर जीत हासिल कर चुके अख‍िलेश की यूपी में लोकप्रियता चरम पर है, ऐसे में बीजेपी उनसे मुकाबले के लिए नई रणनीति अपना रही है. बीजेपी ने अखिलेश से मुकाबले के लिए 4जी प्लान तैयार किया है. बीजेपी का 4 जी है- गांव, गऊ, गंगा और गीता. मेल टुडे को दिए एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में बीजेपी किसान मोर्चा के नवनियुक्त प्रमुख वीरेंद्र सिंह 'मस्त' ने यह जानकारी दी.

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बीजेपी किसान मोर्चो के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह
बीजेपी किसान मोर्चो के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह

चुनाव आयोग में सिंबल पर जीत हासिल कर चुके अख‍िलेश की यूपी में लोकप्रियता चरम पर है, ऐसे में बीजेपी उनसे मुकाबले के लिए नई रणनीति अपना रही है. बीजेपी ने अखिलेश से मुकाबले के लिए 4जी प्लान तैयार किया है. बीजेपी का 4 जी है- गांव, गऊ, गंगा और गीता. मेल टुडे को दिए एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में बीजेपी किसान मोर्चा के नवनियुक्त प्रमुख वीरेंद्र सिंह 'मस्त' ने यह जानकारी दी.

वीरेंद्र सिंह ने यह भी कहा कि किसान बीजेपी के एजेंडे के केंद्र में रहेंगे. उन्होंने कहा कि पार्टी 2014 का प्रदर्शन फिर से दोहराना चाहती है, जब लोकसभा चुनाव में प्रदेश में बीजेपी ने दूसरी पार्टियों का पूरी तरह से सफाया कर दिया था.

किसानों को मिलेगी सौगात
यूपी के भदोही से सांसद वीरेंद्र सिंह ने संकेत दिया कि पार्टी का घोषणापत्र या विजन डॉक्यूमेंट किसान केंद्रित होगा और केंद्र सरकार द्वारा पेशे होने वाले आम बजट में भी किसान समुदाय के लिए तमाम सौगातें हो सकती हैं. गौरतलब है कि हाल में 31 दिसंबर को राष्ट्र के नाम अपने संदेश में प्रधानमंत्री मोदी ने पहले ही कई सौगातों की घोषणा की है.

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4जी रणनीति के बारे में बताते हुए सिंह ने कहा कि इसमें भारतीय खेतिहर किसान के जीवन के सभी पहलू जुड़े हुए हैं. उन्होंने कहा, 'गांव विकास के केंद्रबिंदु हैं. इसी तरह गऊ निश्चित रूप से ग्रामीण जीवन, खासकर किसानों के जीवन का केंद्र होती है. गंगा गांवों की जीवनरेखा है, क्योंकि देश के सबसे उपजाऊ गंगा के मैदान का बड़ा हिस्सा इसके जल से ही सिंचित होता है. इसी तरह गीता भारतीय संस्कृति और अध्यात्म की प्रतीक है.'

बीजेपी को यह समझ में आ गया है कि सपा के घमासान में अखिलेश यादव को मिली जीत से उनकी लोकप्रियता राज्य में श‍िखर पर है. इससे बीजेपी के लिए यूपी विधानसभा का रास्ता आसान नहीं रह गया है. बीजेपी साल 2002 से ही राज्य में सत्ता से बाहर है. सपा और कांग्रेस के गठबंधन की घोषणा जल्द ही हो सकती है, जो बीजेपी को और कड़ी टक्कर देंगे. वीरेंद्र सिंह को लगता है कि 4जी फॉर्मूले से राज्य में हर जाति-वर्ग के मतदाताओं के बीच जगह बनाई जा सकती है.

किसानों के समग्र विकास पर जोर
सिंह ने मेल टुडे से कहा, 'हमें की पहचान से किसानों को जोड़ने की जरूरत है. उनके व्यापक विकास और उन्नतीकरण के लिए काम करना होगा. प्रधानमंत्री ने पहले ही इस पर जोर दिया है कि देश की तरक्की किसानों के आगे बढ़ने और समृद्धि पर निर्भर करती है. उनके बिना टिकाऊ विकास नहीं हो सकता. किसानों के जीवन को आर्थिक ही नहीं बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक रूप से उन्नत बनाना होगा.'

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संसद-विधानसभाओं में पहुंचें किसान
उन्होंने कहा कि राजनीति में किसानों की भागीदारी बढ़ानी होगी. उन्होंने कहा, 'मैंने सरकार को सुझाव दिया है कि किसानों को एमएलसी और सांसद नियुक्त किया जाए. किसानों का प्रतिनिध‍ित्व किसान ही करें न कि बाहरी लोग जो चुनाव जीतने के लिए पैसा फेंकते हैं.'

उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में सरकार संरक्षित उद्योगों को कच्चा माल मुहैया कराने वाले किसानों को सौगात दे सकती है. सरकार अगले तीन चार-साल में दालों का आयात पूरी तरह से बंद करना चाहती है. इसी तरह सौर ऊर्जा से सिंचाई को बढ़ावा देने के कदम उठाए जा सकते हैं.

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