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दंगा आरोपियों की जमानत कैंसिल कराएगी अखिलेश सरकार

यूपी में मुजफ्फरनगर समेत 10 सीटों पर मतदान से ऐन पहले मुस्लिम वोटरों को रिझाने की कोशिशें तेज हो गई हैं. सपा सरकार ने दंगे के आरोपियों की जमानत कैंसिल कराने के लिए अदालतों में अपील दायर कर दी है. जिनकी जमानत लोवर कोर्ट से हुई थी, उनके लिए सेशन कोर्ट में और जिनकी सेशन कोर्ट से जमानत हुई, उनके लिए हाईकोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल किए गए हैं.

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अखिलेश यादव
अखिलेश यादव

यूपी में मुजफ्फरनगर समेत 10 सीटों पर मतदान से ऐन पहले मुस्लिम वोटरों को रिझाने की कोशिशें तेज हो गई हैं. सपा सरकार ने दंगे के आरोपियों की जमानत कैंसिल कराने के लिए अदालतों में अपील दायर कर दी है. जिनकी जमानत लोवर कोर्ट से हुई थी, उनके लिए सेशन कोर्ट में और जिनकी सेशन कोर्ट से जमानत हुई, उनके लिए हाईकोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल किए गए हैं.

इनमें विधायक संगीत सोम और सुरेश राणा को एजेएम कोर्ट से और नूर सलीम राणा को सीजेएम कोर्ट से जमानत मिली थी. सांसद कादिर राणा, विधायक कुंवर भारतेंद्र को भी सीजेएम कोर्ट से जमानत मिली थी. बीजेपी विधायक हुकुम सिंह, पूर्व मंत्री सईदुलज्जमा, सलमान सईद, विधायक मो. जमील, किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत, नरेश टिकैत, चंद्रपाल फौजी, हरपाल सिंह, पूर्व मंत्री ओमवेश, नौशाद कुरैशी और अहसान कुरैशी पर बिना अनुमति पंचायत करने, धारा 144 का उल्लंघन करने, 7 सीएलए एक्ट और भडक़ाऊ भाषण देने के आरोप लगे थे.

रालोद जिलाध्यक्ष अजीत राठी, बीजेपी पूर्व विधायक अशोक केमल, पूर्व राज्यसभा सदस्य हरेंद्र मलिक, पूर्व सांसद सोहनवीर सिंह, पूर्व विधायक प्रदीप बालियान, मंसूरपुर गन्ना समिति के चेयरमैन श्यामपाल सिंह, संचालक जयप्रकाश शास्त्री और अमित राठी के खिलाफ भी मुकदमे दर्ज हुए थे.

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