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मोदी को हराने के लिए अंसारी का कांग्रेस को समर्थन, बीजेपी ने बताया 'अपवित्र' गठबंधन

ऐसा लग रहा है कि वाराणसी में नरेंद्र मोदी को रोकने के लिए विरोधी कुछ भी करने के लिए तैयार हैं. इसीलिए चिर प्रतिद्वंद्विता के बावजूद अफजाल अंसारी के नेतृत्व वाले कौमी एकता दल ने वाराणसी से कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार को समर्थन देने की घोषणा की.

अफजाल अंसारी अफजाल अंसारी

ऐसा लग रहा है कि वाराणसी में नरेंद्र मोदी को रोकने के लिए विरोधी कुछ भी करने के लिए तैयार हैं. इसीलिए चिर प्रतिद्वंद्विता के बावजूद मुख्तार अंसारी के बड़े भाई अफजाल अंसारी के नेतृत्व वाले कौमी एकता दल ने वाराणसी से कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार को समर्थन देने की घोषणा की.

समर्थन की घोषणा इस उद्देश्य से की गई है जिससे यहां मुकाबले में बीजेपी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी को हराया जा सके. अफजाल अंसारी ने कहा कि पार्टी उम्मीदवार अजय राय के लिए समर्थन की मांग को लेकर कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व ने उनसे संपर्क किया था.

मोदी को हराने के लिए कांग्रेस को समर्थन...
उन्होंने कहा, 'पार्टी कार्यकर्ताओं से चर्चा के बाद कौमी एकता दल (क्यूईडी) ने आज अजय राय को पूरा समर्थन देने का फैसला किया ताकि नरेंद्र मोदी को हराया जा सके.' अंसारी ने कहा कि उनकी गुलाम नबी आजाद के साथ मंगलवार को शहर में बैठक हुई. यह पूछे जाने पर कि राय को समर्थन देने के लिए कांग्रेस के किस नेता ने उनसे संपर्क किया था तो अंसारी ने कहा, 'आप कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह का नाम मुझसे संपर्क करने के लिए मान सकते हैं.'

बाहरी हैं मोदी और केजरीवाल...
अंसारी ने कहा कि कांग्रेस का उम्मीदवार शहर का है और मोदी और AAP नेता केजरीवाल बाहरी हैं. इसके अतिरिक्त राय चार बार विधायक रहे हैं और उनकी शहर के मतदाताओं पर मजबूत पकड़ है. अफजाल अंसारी के छोटे भाई मुख्तार अंसारी पिछला लोकसभा चुनाव बीएसपी के टिकट पर वाराणसी से लड़े थे और बीजेपी के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी से तकरीबन 17 हजार मतों के अंतर से हार गए थे.

... ऐसे बना कौमी एकता दल
मुख्तार अंसारी को बाद में बीएसपी से निकाल दिया गया था और उन्होंने कौमी एकता दल का गठन किया था और उनके भाई अफजाल अंसारी को पार्टी का प्रमुख बनाया गया था. मुख्तार बीजेपी विधायक कृष्णानंद राय की हत्या के मामले में आगरा जेल में बंद हैं और उत्तर प्रदेश के मउ जिले में घोसी से 2014 का लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं.

अजय राय और मुख्तार अंसारी में पुरानी प्रतिद्वंद्विता...
अजय राय और मुख्तार अंसारी की पुरानी प्रतिद्वंद्विता है और यह आरोप लगाया जाता है कि मुख्तार अजय राय के बड़े भाई अवधेश राय की शहर में एक दशक से अधिक समय पहले हुई हत्या की साजिश में शामिल थे. अफजाल अंसारी ने कहा कि राय के साथ पुरानी शत्रुता के बावजूद उनके लिए पवित्र शहर वाराणसी अधिक महत्वपूर्ण है और इसलिए उन्होंने राय के साथ दुश्मनी भूलने का फैसला किया है और वाराणसी से मोदी को हराने और उन्हें प्रधानमंत्री बनने से रोकने पर ध्यान केंद्रित है.

बीजेपी ने इसे बताया 'अपवित्र' गठबंधन
बीजेपी ने आरोप लगाया कि अंसारी-राय के बीच समझौता वोट बैंक की राजनीति की खातिर एक अपवित्र गठबंधन है. बीजेपी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने इस समझौते को सील किया है क्योंकि इस पवित्र शहर में वह मोदी को मिल रहे अपार समर्थन और लोकप्रियता का मुकाबला करने में अक्षम हैं. बीजेपी नेता नलिन कोहली ने कहा, 'अब यह लगता है कि अजय राय और क्यूईडी वोट बैंक की राजनीति की खातिर राजनैतिक सुविधा का अपवित्र गठबंधन बनाने के इच्छुक हैं.' कोहली ने कहा कि कहा जाता है कि मुख्तार अंसारी अजय राय के भाई की हत्या के आरोपी हैं और कांग्रेस उम्मीदवार का अब उनसे समर्थन लेना सुविधा की राजनीति में नई गिरावट का प्रतीक है.

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