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उपराज्यपाल ने कहा तो दिल्ली में सरकार बनाएगी AAP, कांग्रेस ने दिया बिना शर्त समर्थन

अब तक दिल्ली में सरकार बनाने को लेकर ना ना कर रही आम आदमी पार्टी (आप) के सुर बदले-बदले नजर आ रहे हैं. सूत्रों से मिली ताजा जानकारी के मुताबिक अगर उपराज्यपाल ने कहा तो 'आप' दिल्ली में सरकार बना लेगी. केजरीवाल सरकार बनाने के मुद्दे पर शनिवार सुबह साढ़े 10 बजे उपराज्यपाल नजीब जंग से मिलेंगे. उधर कांग्रेस ने भी 'आप' को बिना शर्त समर्थन देने की चिट्ठी उपराज्यपाल को भेज दी है.

अरविंद केजरीवाल अरविंद केजरीवाल

अब तक दिल्ली में सरकार बनाने को लेकर ना ना कर रही आम आदमी पार्टी (आप) के सुर बदले-बदले नजर आ रहे हैं. सूत्रों से मिली ताजा जानकारी के मुताबिक अगर उपराज्यपाल ने कहा तो 'आप' दिल्ली में सरकार बना लेगी. केजरीवाल सरकार बनाने के मुद्दे पर शनिवार सुबह साढ़े 10 बजे उपराज्यपाल नजीब जंग से मिलेंगे. उधर कांग्रेस ने भी 'आप' को बिना शर्त समर्थन देने की चिट्ठी उपराज्यपाल को भेज दी है.

हालांकि पार्टी ने यह साफ कर दिया है कि वह बीजेपी और कांग्रेस से किसी कीमत पर समर्थन नहीं लेगी. ऐसे में पार्टी उपराज्यपाल से बात करके 28 विधायकों के साथ अल्पमत में ही सरकार बनाने पर विचार कर रही है. दरअसल ऐसा माना जा रहा है कि सरकार बनाने का AAP का फॉर्मूला ये है कि वो जनता के बीच ये संदेश भेज सके कि बीजेपी 32 सीट जीतने के बाद भी सरकार बनाने की हिम्मत नहीं कर सकी और AAP ने 28 सीटें जीतने के बावजूद सरकार बनाई और बाद में अगर बीजेपी या कांग्रेस कोई भी सरकार गिराने की कोशिश करती है तो ठीकरा सीधे उस पार्टी पर ही फोड़ा जाए.

शुक्रवार को बदला पार्टी का रुख
बीजेपी के दिल्ली में सरकार बनाने से साफ मना करने के बाद गुरुवार को जब उपराज्यपाल ने केजरीवाल को न्योता दिया तब से ही पार्टी का रुख इस दिशा में बदलने लगा. शुक्रवार को 'आप' के नेता योगेंद्र यादव ने बयान दिया कि पार्टी सभी विकल्पों पर विचार करेगी. पार्टी के नेता कुमार विश्वास ने कहा है कि उनकी पार्टी बीजेपी और कांग्रेस से समर्थन किसी भी कीमत पर नहीं लेगी. संजय सिंह ने कहा, 'किसी से समर्थन लेने का प्रश्न ही नहीं उठता. बीजेपी अपनी दायित्व से पीछे हटी है और उप-राज्यपाल ने हमें बुलाया है तो हम चर्चा कर रहे हैं कि कैसे हम सरकार बना सकते हैं.'

वैसे 'आप' कुछ भी साफ तौर पर कहने को तैयार नहीं है. सूत्रों की मानें तो सत्ता की हवा का रुख 'आप' की तरफ दिखाई दे रहा है. केजरीवाल एंड कंपनी यही कह रही है कि उसके पास बहुमत नहीं है. आप के नेता योगेंद्र यादव ने कहा है कि पार्टी ने उप राज्यपाल के न्योते का एक लिखित जवाब तैयार किया गया है जिसे लेकर अरविंद केजरीवाल नजीब जंग से मिलेंगे और उसी के बाद इस जवाब को सार्वजनिक भी किया जाएगा.

कांग्रेस 'आप' को घेरने में लगी
उधर कांग्रेस भी आम आदमी पार्टी को घेरने में लगी है. पार्टी समर्थन देने के अपने स्टैंड पर कायम है. शुक्रवार को कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी को समर्थन की चिट्ठी एलजी को पहुंचा भी दी है. कांग्रेस ने ताल ठोकी है कि केजरीवाल सरकार बनाएं और जनता से किए गए सारे वायदे पूरा करके दिखाएं.


 

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