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विधानसभा चुनाव में आज सबसे बड़ा दंगल, बंगाल और असम समेत पांच राज्यों की 475 सीटों पर वोटिंग

बंगाल और तमिलनाडु में जहां तेज सियासी घमासान देखने को मिल रहा है. वहीं असम में यह आखिरी चरण का मतदान है. केरल में ताबड़तोड़ रैलियां हुई तो पुडुचेरी में बीजेपी पर आधार कार्ड की जानकारियां इस्तेमाल करने के आरोप लगे. वहीं कांग्रेस का पूर्व मुख्यमंत्री वी नारायणस्वामी को टिकट नहीं देना भी खूब सुर्खियों में रहा.

देश के पांच राज्यों में कल 475 सीटों के लिए वोटिंग हैं. (सांकेतिक तस्वीर) देश के पांच राज्यों में कल 475 सीटों के लिए वोटिंग हैं. (सांकेतिक तस्वीर)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • कुल 475 सीटों पर होगा मतदान
  • तमिलनाडु की सभी 234 सीटों पर वोटिंग कल
  • पुडुचेरी की सभी 30 सीटों पर वोटिंग

देश के पांच राज्यों में हो रहे विधानसभा चुनाव  के लिहाज से आज यानी 6 अप्रैल का दिन अहम रहने वाला है. आज तमिलनाडु की सभी 234 सीटों के साथ केरल की सभी 140 सीटों पर भी मतदान होने जा रहा है. असम में आज तीसरे और आखिरी चरण का मतदान है, जबकि पश्चिम बंगाल की 31 सीटों पर आज तीसरे चरण के लिए वोटिंग होनी है. केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी की सभी 30 सीटों पर भी आज ही वोटिंग होनी है. विधानसभा चुनावों के इतर मल्लपुरम और कन्याकुमारी की लोकसभा सीटों पर भी आज ही मतदान होना है.

बंगाल और तमिलनाडु में जहां तेज सियासी घमासान देखने को मिल रहा है. वहीं असम में यह आखिरी चरण का मतदान है. केरल में ताबड़तोड़ रैलियां हुई तो पुडुचेरी में बीजेपी पर आधार कार्ड की जानकारियां इस्तेमाल करने के आरोप लगे. वहीं कांग्रेस का पूर्व मुख्यमंत्री वी नारायणस्वामी को टिकट नहीं देना भी खूब सुर्खियों में रहा.

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव

तमिलनाडु में इस बार नजर इस बात पर है कि क्या एआईएडीएमके हैट्रिक लगाएगी या फिर एक दशक बाद राज्य की सत्ता में डीएमके की वापसी होगी. 6.28 करोड़ से ज्यादा मतदाता 3998 में 234 लोगों के भाग्य का फैसला करेंगे. इस चुनाव में सीएम पलानीस्वामी, उप मुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम और डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन समेत एएमएमके प्रमुख टीटीवी दिनाकरण के साथ-साथ कमल हासन और बीजेपी चीफ एल मुरुगन प्रमुख चेहरा हैं.

एआएडीएमके एनडीए की सहयोगी के तौर पर चुनाव मैदान में है जिसमें बीजेपी, पीएमके और अन्य क्षेत्रीय दल शामिल हैं. वहीं डीएमके यूपीए का हिस्सा है. कांग्रेस और अन्य 11 दलों के साथ वह चुनावी मैदान में है. कमल हासन की एमएनएम और दिनाकरण की एएमएमके अन्य सहयोगी दलों के साथ मैदान में है.  

केरल विधानसभा चुनाव

साल 1980 के बाद से सीपीआई (एम) के नेतृत्व वाले लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट और कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट राज्य में एक के बाद करके सरकार बनाते रहे हैं लेकिन दोनों ही दलों को लागातार जीत एक भी बार नहीं मिली है. इस बार नजर इस बात पर होगी कि क्या यूडीएफ, एलडीएफ का तिलिस्म तोड़ेगी या फिर से सत्ता की कमान पिनराई विजयन के हाथ में जाएगी. राज्य के 2.74 करोड़ वोटर्स 140 सीटों के लिए 957 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे. यहां लड़ाई अब भी यूडीएफ और एलडीएफ के बीच ही है. हालांकि राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बीजेपी यहां तीसरे विकल्प के तौर पर उभर सकती है.

राज्य के तीनों प्रमुख गुटों ने ज्यादा से ज्यादा स्टार पावर का इस्तेमाल कर वोटरों को लुभाने की कोशिश की है. राज्य में प्रमुख उम्मीदवारों में मुख्यमंत्री पिनराई विजयन, स्वास्थ्य मंत्री केके शैलजा, देवस्वाम मंत्री कडकंपल्ली सुरेंद्रन, ऊर्जा मंत्री एमएम मणि, उच्च शिक्षा मंत्री केके जलील, विपक्ष के नेता रमेश चेन्निथला, पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी, वरिष्ठ नेता के मुरलीधरन, पीटी थॉमस और थिरुवंचूर राधाकृष्ण शामिल हैं.

मिजोरम के पूर्व  राज्यपाल कुम्मानम राजशेखरन, 'मेट्रोमैन' ई. श्रीधरन सहित भाजपा के कई नेताओं के लिए चुनाव महत्वपूर्ण है जो हाल ही में भगवा पार्टी का हिस्सा बने हैं. इसके अलावा प्रदेश अध्यक्ष के. सुरेंद्रन, वरिष्ठ नेता शोभा सुरेंद्रन, राज्यसभा सदस्य सुरेश गोपी और केजे अल्फोंस के लिए भी ये चुनाव काफी अहम है.

बंगाल में तीसरे चरण का मतदान

पश्चिम बंगाल में मंगलवार को विधानसभा चुनाव के तीसरे चरण का मतदान होना है. इस चरण में, ग्रामीण हावड़ा, सुंदरबन क्षेत्र, डायमंड हार्बर और दक्षिण 24 परगना में बारुईपुर बेल्ट और हुगली जिले के कुछ हिस्सों में चुनाव होंगे. इस चरण के मतदान में आने वाली अधिकांश सीटों को तृणमूल का गढ़ माना जाता है. कुल 78,52,425 मतदाता बंगाल विधानसभा के 31 स्थानों के लिए 205 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे. 

इस चरण के मतदान में जाने वाली 31 सीटों में से दक्षिण 24 परगना में 16 सीटें बीते साल मई में आए चक्रवात अम्फान से सबसे अधिक प्रभावित रही हैं. गौरतलब है कि ये टीएमसी का गढ़ है. बड़े पैमाने पर टीएमसी के जमीनी स्तर के संगठन हैं जिनमें कई अभिषेक बनर्जी की डायमंड हार्बर लोकसभा सीट का हिस्सा है. रायडिघी जिले में माकपा उम्मीदवार कांति गांगुली और भाजपा के शांतनु बापुली और तृणमूल कांग्रेस के अलोक जलदाता के बीच कड़ी टक्कर है. गांगुली इस सीट से पिछले दो चुनाव टीएमसी के सेलिब्रिटी उम्मीदवार देबाश्री रॉय के खिलाफ मामूली अंतर से हार गए थे. लेकिन इस बार वह अम्फान तूफान के दौरान लोगों के लिए अपनी तरफ से की गई मदद के आधार पर चुनाव लड़ रहे हैं.

उधर, कभी टीएमसी के गढ़ रहे हुगली जिले में 2019 के लोकसभा चुनावों में बीजेपी ने महत्वपूर्ण बढ़त बनाई थी. पार्टी की उम्मीदवार लॉकेट चटर्जी ने हुगली सीट से लोकसभा चुनाव जीता था. तीसरे चरण में तारकेश्वर सीट पर भी लड़ाई कांटे की है. यहां से भाजपा ने पार्टी के पूर्व सांसद स्वपन दासगुप्ता को मैदान में उतारा है. वह टीएमसी के रामेंदु सिंहरे और सीपीआई (एम) के सुरजीत घोष के खिलाफ मैदान में उतरे हैं. इस विधानसभा सीट पर लोकसभा चुनाव में टीएमसी भाजपा से 4,000 से अधिक मतों से जीती थी. 

दक्षिण बंगाल में हावड़ा की सात सीटों पर टीएमसी की पकड़ मजबूत है. यह सीटें ग्रामीण हावड़ा क्षेत्र में आती हैं. 2016 के विधानसभा चुनाव में टीएमसी ने 16 में से 15 सीटें जीती थीं. हालांकि, चुनाव से पहले राज्य मंत्री राजीव बनर्जी के भाजपा में चले जाने से वोटों पर प्रभाव पड़ने के आसार हैं. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव आठ चरणों में हो रहे हैं. पहला और दूसरा चरण की वोटिंग 27 मार्च और 1 अप्रैल को  हुई थी.

असम में तीसरे चरण की वोटिंग

असम में बची हुईं 40 विधानसभा सीटों पर मतदान आज होना है. अंतिम चरण में वरिष्ठ मंत्री हिमंत बिस्व सरमा, उनके पांच कैबिनेट सहयोगियों और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रणजीत कुमार दास सहित 337 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला होगा. इस चरण में मौजूदा 20 विधायकों के भाग्य का फैसला होगा जिसमें कांग्रेस के आठ, भाजपा के पांच, अखिल भारतीय संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (एआईयूडीएफ) और बीपीएफ के एक-एक और एजीपी के एक-एक उम्मीदवार शामिल हैं. 

भाजपा 20 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, जबकि उसकी सहयोगी असम गण परिषद (एजीपी) नौ और यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल आठ सीटों पर चुनाव लड़ रही है. कांग्रेस ने 24 और उसके सहयोगियों AIUDF 12,  बोडोलैंड पीपल्स फ्रंट (BPF) ने 8 और CPI(M) ने एक सीट पर उम्मीदवार उतारा है. कांग्रेस और एआईयूडीएफ के पांच निर्वाचन क्षेत्रों जलेश्वर, बागबार, सरुखेत्री, चेंगा और बरखेड़ी में दोस्ताना लड़ाई है. चुनाव के पहले दो चरणों की वोटिंग 27 मार्च और 1 अप्रैल को हुई थी. 
 

पुडुचेरी विधानसभा चुनाव

पुडुचेरी विधानसभा की सभी 30 सीटों पर मंगलवार को वोटिंग होनी है. राज्य में इस समय राष्ट्रपति शासन लागू है. चुनावों से पहले ही वी नारायणसामी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार विश्वास मत हारने के बाद गिर गई थी. केंद्र शासित इस राज्य में NDA और UPA के बीच एक सीधा मुकाबला दिखाई दे रहा है. एनडीए खेमे में एन रंगासामी की अखिल भारतीय एनआर कांग्रेस 16 सीटों पर, भाजपा नौ और अन्नाद्रमुक चार सीटों पर चुनाव लड़ रही है.

वहीं, कांग्रेस 14 सीटों पर चुनाव लड़ रही है और यानम में एक निर्दलीय का समर्थन कर रही है. जबकि उसकी सहयोगी द्रमुक 13 सीटों पर चुनाव लड़ रही है. राज्य में 10,04,197 मतदाता हैं.

इन सभी राज्यों के चुनाव नतीजे 2 मई को ही घोषित किए जाएंगे.

 

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