डीएमके ने अपने निलंबित पार्टी नेता एम. के. अलागिरी के संपर्क में पाए जाने वाले कार्यकर्ताओं को अनुशासनिक कार्रवाई की चेतावनी दी है.
पार्टी महासचिव के. अनबाझगन ने बुधवार को यहां जारी एक बयान में कहा कि अलागिरी अपने समर्थकों की बैठकें आयोजित कर भ्रम पैदा कर रहे हैं. अनबाझगन ने पार्टी कार्यकर्ताओं को अलागिरि से दूर रहने की सलाह दी है. 24 जनवरी को डीएमके ने अलागिरि (63) को एम. के. स्टालिन (61) का विरोध करने के कारण निलंबित कर दिया था. स्टालिन पार्टी के शीर्ष पद पर चुने गए थे जिसका अलागिरि विरोध कर रहे थे.
दोनों ही डीएमके नेता और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम. के. करुणानिधि के बेटे हैं. हाल ही में अलागिरि ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और बीजेपी अध्यक्ष राजनाथ सिंह के साथ मुलाकात कर राजनीतिक हलकों में सनसनी पैदा करने की कोशिश की थी.
अलागिरि ने यह भी कहा कि वे अपने समर्थकों से बात कर नई पार्टी गठित करने पर फैसला लेंगे. अनबाझगन ने कहा कि लोकसभा चुनाव से पहले इस तरह के कदम से डीएमके सदस्यों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है.