अपने चुनावी विज्ञापन में समाजसेवी अन्ना हजारे की तस्वीर पर माला चढ़ाकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) विवादों में आ गई है. आम आदमी पार्टी ने इस पर ऐतराज जताया है.
अरविंद केजरीवाल ने ट्विटर पर लिखा है, 'आज ही के दिन 1948 में नाथूराम गोडसे ने गांधी की हत्या की थी. आज बीजेपी ने अपने विज्ञापन में अन्ना को मार दिया. क्या बीजेपी को माफी नहीं मांगनी चाहिए.' याद रहे कि अन्ना हजारे ने हाल ही में लोकपाल के मुद्दे पर मोदी सरकार के खिलाफ आंदोलन करने का ऐलान किया है. में उन्होंने गुरुवार को कहा कि भ्रष्टाचार के मुद्दे पर मोदी और मनमोहन सरकार एक जैसी है.
Nathuram Godse killed Gandhiji on this day in 1948. BJP has killed Anna in its ad today. Shudn't BJP apologise?
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal)
I will always pray for well being and good health of Annaji
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal)
दरअसल शुक्रवार सुबह बीजेपी ने कई अखबारों में एक विज्ञापन दिया जिसमें अरविंद केजरीवाल पर तीखा कटाक्ष किया गया था. इसमें केजरीवाल का कार्टून नजर आता है, जिसकी दुल्हन के तौर पर कांग्रेस को दिखाया गया है. पीछे दीवार पर अन्ना हजारे की तस्वीर लटकी है, जिस पर माला चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी गई है. विज्ञापन में केजरीवाल अपने बच्चों के सिर पर हाथ रखकर कसम खाते भी दिखाया गया और वोटरों से बीजेपी को वोट देने की अपील की है.इस विज्ञापन में दिल्ली के किसी मुद्दे का जिक्र नहीं है, सिर्फ केजरीवाल पर निशाना साधा गया है. विज्ञापन में लिखा गया है, 'सत्ता के लिए बच्चों की झूठी कसम तक मैं खाऊंगा और रात दिन ईमानदारी का डंका भी बजाऊंगा.'
काल धन, आरटीआई, अपराधी सांसद के मुद्दे पर जवाब देने की बजाए बेशर्मी के गर्त तक जाना कैसी राजनीति है? (3/3)
— Dr Kumar Vishvas (@DrKumarVishwas)
इस पर आम आदमी पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. AAP नेता कुमार विश्वास ने बीजेपी की इस हरकत को 'अशोभनीय' और 'अक्षम्य' बताया है. उन्होंने ट्विटर पर भी लिखा है कि काला धन, आरटीआई और अपराधी सांसदों जैसे मुद्दों पर जवाब देने के बजाय बीजेपी यह कैसी राजनीति कर रही है?
याद रहे कि 2013 में कांग्रेस ने अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी को विश्वास मत पास करने में मदद की थी. हालांकि कांग्रेस केजरीवाल सरकार का हिस्सा नहीं थी, लेकिन इसे बीजेपी ने मुद्दा बना लिया. इसके जवाब में AAP यह कहती है कांग्रेस से समर्थन मांगा नहीं गया था, बल्कि उसने खुद समर्थन की चिट्ठी उपराज्यपाल को सौंपी थी.