आम आदमी पार्टी (आप) ने बीजेपी को सत्ता में आने से रोकने के लिए तीसरे मोर्चे को समर्थन देने की संभावना से इनकार नहीं किया है. पार्टी ने आज कहा कि वह गैर-कांग्रेसी धर्मनिरपेक्ष गठजोड़ को मुद्दों पर आधारित समर्थन दे सकती है. लोकसभा चुनावों का पांच सप्ताह का तक चला दौर 12 मई को समाप्त हो जाएगा. बीजेपी ने इन चुनावों में नरेंद्र मोदी को अपने पीएम पद का उम्मीदवार घोषित किया है.
इस बीच 'आप' के सीनियर नेता गोपाल राय ने कहा कि यदि 16 मई को चुनाव परिणाम आने के बाद तीसरे मोर्चे की सरकार के लिए पहल होती है तो पार्टी उसे मुद्दों पर आधारित समर्थन की पेशकश करने पर विचार कर सकती है. राय ने कहा, 'अगर ऐसी स्थिति बनती है जिसमें तीसरे मोर्चे की सरकार को हमारे समर्थन की जरूरत होती है तो हां, हम मुद्दों पर आधारित समर्थन दे सकते हैं.'
हालांकि, केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा है कि तीसरे मोर्चे को समर्थन का सवाल ही नहीं है. केजरीवाल ने ऐसी किसी संभावना की खबरों के लिए मीडिया को ही जिम्मेदार ठहरा दिया. उन्होंने कहा कि चुनाव की पूर्व संध्या पर मीडिया को गंदे खेल से बचना चाहिए.
There is absolutely no question of supporting third front. Media shud stop playing dirty games on the eve of elections
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) May 11, 2014
पिछले कुछ दिनों में बीजेपी को सत्ता में आने से रोकने के लिए धर्मनिरपेक्ष कहलाने वाली ताकतों के साथ में आने की संभावना पर बातचीत तेज हुई है. सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव और अन्य कई नेताओं ने इस तरह की संभावना जताई थी.
'आप' संयोजक अरविंद केजरीवाल के करीबी समझे जाने वाले राय ने हालांकि साफ किया कि पार्टी की भविष्य की भूमिका के बारे में फैसला चुनाव परिणाम का विश्लेषण करने के बाद किया जाएगा. उन्होंने कहा, 'हमारा आंदोलन आम आदमी के लिए है और निश्चित रूप से मुद्दा आधारित समर्थन होगा. भविष्य की कार्रवाई के बारे में अंतिम फैसला 16 मई के बाद किया जाएगा जब चुनाव परिणामों की घोषणा होगी.'
422 सीटों पर चुनाव लड़ रही है 'आप'
'आप' ने 422 लोकसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं और केजरीवाल ने दावा किया था कि उनकी पार्टी कम से कम 100 सीटों पर जीत दर्ज करेगी. हालांकि राय ने 'आप' की सीटों की संख्या को लेकर अनुमान नहीं जताया और कहा कि पार्टी का प्रदर्शन उम्मीद के अनुरूप नहीं रहने पर भी संघर्ष जारी रहेगा.
हाल ही में दिल्ली विधानसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी के जबरदस्त प्रदर्शन के बाद पार्टी के आला नेताओं ने लोकसभा चुनाव में भी आश्चर्यजनक परिणाम की उम्मीद जताई है. पार्टी को पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है. राय ने कहा, 'हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होगा कि ईमानदार राजनीति की आवाज संसद में पहुंचे. फिर यह मायने नहीं रखता कि हमें 10 सीटें मिलती हैं या 30 सीटें. उन्होंने कहा, हम वहां पहुंचेंगे और व्यवस्था परिवर्तन के लिए दबाव बनाएंगे.