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तिरुचि जिले की विधानसभाओं में कड़ा मुकाबला

तमिलनाडु के मध्य भाग में स्थित तिरुचिरापल्ली जिले में द्रमुक और अन्नाद्रमुक के चिर प्रतिद्वंद्वियों के बीच कड़ा मुकाबला होने जा रहा है और सत्तारूढ़ दल जिले की नौ विधानसभाओं में से सात पर जीत के अपने 2006 के पिछले रिकार्ड को बरकरार रखने के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहा.

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तमिलनाडु के मध्य भाग में स्थित तिरुचिरापल्ली जिले में द्रमुक और अन्नाद्रमुक के चिर प्रतिद्वंद्वियों के बीच कड़ा मुकाबला होने जा रहा है और सत्तारूढ़ दल जिले की नौ विधानसभाओं में से सात पर जीत के अपने 2006 के पिछले रिकार्ड को बरकरार रखने के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहा.

जिले को इस चुनाव में अहम क्षेत्र का दर्जा दिया जा रहा है क्योंकि अन्नाद्रमुक अध्यक्ष जयललिता यहां के श्रीरंगम विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहीं हैं जो कावेरी नदी के तट पर स्थित श्री रंगनाथस्वामी के मंदिर के लिए प्रसिद्ध है.

द्रमुक के लिए भी यह जिला कम महत्वपूर्ण नहीं है क्योंकि राज्य के मंत्री केएन नेहरू और एन. सेल्वाराज क्रमश: तिरुचि पश्चिम और मनचनल्लुर विधानसभा क्षेत्रों से चुनाव लड़ रहे हैं और परिसीमन में दोनों ही सीटों में काफी बदलाव हुए हैं. नौ विधानसभा क्षेत्रों में से द्रमुक सात और कांग्रेस दो पर किस्मत आजमा रही है. पिछले चुनाव में द्रमुक ने छह सीटें जीतीं और कांग्रेस ने एक पर बाजी मारी थी.

तिरुचि शहर की दोनों विधानसभाओं में द्रमुक को 1996 से ही विजयश्री प्राप्त होती रही है और इसके दिग्गज नेता नेहरू व अनबिल पेरियासामी अपनी सीटें बरकरार रखने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं. अन्नाद्रमुक ने नेहरू के मुकाबले तिरुचि नगर पालिका में पिछले दो दशक से पाषर्द रहे मरियम पिचाई को खड़ा किया है. हालांकि वह पिछले चुनाव में नेहरू के सामने पराजित हुए थे.

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