कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा है कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के बाद किसी दल से गठबंधन बनाने के लिए नहीं बल्कि अपनी सरकार बनाने के लिए चुनाव लड़ रही है.
सोनिया ने चमरौली इलाके में एक चुनावी जनसभा में कहा, ‘कांग्रेस किसी दल के साथ गठबंधन बनाने के लिए नहीं बल्कि अपनी सरकार बनाने के लिए चुनाव लड़ रही है.’ उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसी दल से नहीं बल्कि प्रदेश की जनता के साथ विश्वास का रिश्ता कायम करेगी और उनके सुख-दुख में हर वक्त उनके साथ रहेगी.
कांग्रेस अध्यक्ष ने भाजपा, सपा और बसपा को एक जैसा बताते हुए कहा कि तीनों दलों में कोई अंतर नहीं है और तीनों ही किसी न किसी समय पर एक दूसरे के साथ गठबंधन करके आपस में सत्ता का बंटवारा कर चुकी हैं. यह आरोप लगाते हुए कि विगत 22 वर्षों से प्रदेश में सत्तारूढ़ गैर कांग्रेसी सरकारों ने उत्तर प्रदेश को बर्बाद कर दिया है.
सोनिया ने आरोप लगाया, ‘इस दौरान यहां या तो अपराधियों का शासन रहा है अथवा भ्रष्टाचारियों का.’ किसानों की कर्जमाफी योजना और बुनकरों को विशेष पैकेज दिये जाने का उल्लेख करते हुए सोनिया ने कहा कि यदि संप्रग सरकार ने वे कदम न उठाये होते तो प्रदेश के लोगों की हालत और भी खराब हो गयी होती.
उन्होंने कहा कि संप्रग सरकार ने मनरेगा के तहत उत्तर प्रदेश सरकार को 20 हजार करोड़ रुपये दिये और जनता को यह हिसाब लेना चाहिये कि कितना उनके पास तक पहुंचा और कितना बीच में ही लूट लिया गया. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि एनआरएचएम, जेएनएनयूआरएम, राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना आदि के लिए केन्द्र ने प्रदेश सरकार को एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा दिये, लेकिन उसका लाभ जनता तक नहीं पहुंचा.
उन्होंने कहा कि संप्रग सरकार मुसलमानों की स्थिति सुधारने के लिए सच्चर कमेटी की सिफारिशों को लागू करने की दिशा में प्रयत्नशील है और दलितों एवं पिछड़ों को बढ़ावा देने के लिए उनके द्वारा चलाये जा रहे उद्योग धंधों के उत्पादों की सरकारी खरीद की व्यवस्था का वायदा पार्टी ने अपने घोषणापत्र में किया है. सोनिया ने कहा कि देश में कोई भूखा न सोये इसके लिए खाद्य गारंटी योजना संबंधी विधेयक संसद में पेश किया जा चुका है.
जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में मुकाबला कांग्रेस और सपा के बीच है.
उन्होंने सपा मुखिया मुलामय सिंह यादव पर समय-समय पर फिरकापरस्त मुलसमानों और फिरकापरस्त हिंदू नेताओं के साथ हाथ मिलाने का आरोप लगाते हुए कहा, ‘पिछले लोकसभा चुनावों में सपा की साइकिल पर बाबरी मस्जिद विध्वंस कांड में सर्वोच्च अदालत से सजा पा चुके कल्याण सिंह सवार थे, जबकि उस कांड के दूसरे अभियुक्त साक्षी महाराज को उन्होंने राज्यसभा में भेजा था.’ सिंह ने प्रदेश की जनता का आह्वान किया कि वे कांग्रेस की एक मजबूत सरकार बनवाये और वर्ष 2007 में जिस तरह बदलाव के लिए बसपा को बहुमत दिया था, वैसे ही कांग्रेस को भी पूर्ण बहुमत प्रदान करें.